उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मथुरा से बरेली जा रही रुहेलखंड डिपो की एक बस के चालक ने कथित तौर पर समय बचाने के लिए हाईवे का सुरक्षित मार्ग छोड़ दिया और बस को गांवों, खेतों तथा जंगल के रास्ते से निकाल दिया.
यात्रियों के अनुसार वे मथुरा से बरेली जाने के लिए रोडवेज बस संख्या यूपी 78 एलटी 6086 में सवार हुए थे. रात करीब साढ़े 11 बजे सोरों और कासगंज के बीच चालक ने अचानक हाईवे छोड़ दिया और गांवों के भीतर से बस चलाने लगा. धीरे-धीरे बस खेतों और फिर जंगल के रास्ते पहुंच गई.
यात्रियों ने आरोप लगाया कि चालक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था और बस चलाते समय लगातार मोबाइल फोन पर एक महिला से बातचीत कर रहा था. जब कुछ यात्रियों ने इसका विरोध किया और सुरक्षित मार्ग अपनाने की बात कही तो चालक कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने लगा. बस करीब एक घंटे तक जंगल और कच्चे रास्तों से गुजरती रही. सफर के दौरान एक स्थान पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा था. वहां गहरे पिलर वाले गड्ढे के पास बस अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बच गई. किसी तरह चालक ने बस को वहां से निकाला. यात्रियों का आरोप है कि विरोध करने पर चालक ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई ज्यादा बोलेगा तो अंजाम अच्छा नहीं होगा. इसके बाद यात्री पूरे रास्ते सहमे रहे.
यात्रियों का कहना है कि बस के अंदर शिकायत या आपात स्थिति के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित नहीं था. गंतव्य पर पहुंचने के बाद उन्होंने पूरी घटना की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने तीन दिन के भीतर मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया है.
रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण कुमार वाजपेई ने बताया कि मथुरा-बरेली मार्ग की बस के संबंध में ऑनलाइन शिकायत प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि जब इस रूट पर हाईवे उपलब्ध है तो चालक ने रात के समय गांवों के रास्ते बस क्यों चलाई, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर चालक और परिचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.