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NEET नहीं, बल्कि इस वजह से आरोपी बेटे अक्षत ने की थी पिता की हत्या, लखनऊ नीले ड्रम केस में खुला सबसे बड़ा राज

लखनऊ ब्लू ड्रम मर्डर केस की जांच में पता चला है कि मानवेंद्र सिंह की हत्या NEET के दबाव की वजह से नहीं, बल्कि ₹50 लाख के पारिवारिक झगड़े की वजह से हुई थी. आरोपी बेटे अक्षत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
NEET नहीं, बल्कि इस वजह से आरोपी बेटे अक्षत ने की थी पिता की हत्या, लखनऊ नीले ड्रम केस में खुला सबसे बड़ा राज
Courtesy: @pranaydub x account video grap

लखनऊ: लखनऊ ब्लू ड्रम्स केस के पीछे का असली मकसद एक ऑफिशियल प्रेस रिलीज में पुलिस ने कन्फर्म किया है कि लाइसेंसी राइफल से गोली चलाने की वजह पारिवारिक झगड़ा था. हालाकिं अभी यह मामला पुलिस की जांच में है. आरोपी बेटा अक्षत जहां हत्या की वजह NEET एग्जाम की तैयारी का प्रेशर बता रहा है, वहीं पड़ोस और रिश्तेदार इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं. मृतक के एक रिश्तेदार का कहना है कि हत्या किसी और वजह से हुई है. 

मानवेंद्र के एक पड़ोसी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जब मानवेंद्र 19 फरवरी को घर लौटा तो उसकी और उसके बेटे अक्षत की तीखी बहस हुई. वजह यह थी कि घर में रखे 50 लाख रुपये में से कुछ गायब थे. खबरों के मुताबिक अक्षत ने शराब के ठेके के रिन्यूअल के पैसे कहीं खर्च कर दिए थे. 

अक्षत ने क्यों लिया ये फैसला?

गुस्से में मानवेंद्र ने अपने बेटे अक्षत को थप्पड़ मारा और उस पर राइफल तान दी. पैसे शराब के ठेके के परमिट के रिव्यूनल के लिए रखे थे, जिसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन की आखिरी तारीख 23 फरवरी थी.

इससे गुस्सा होकर अक्षत ने अपने पिता से बदला लेने का फैसला किया. फिर वह सुबह 4 बजे के बाद अपने पिता के कमरे में गया. राइफल ली और सोते हुए मानवेंद्र के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई. उसकी बहन को इस घटना के बारे में पहले से पता था. घटना के बाद कृति ने अपने और अक्षत के इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर दिए. कृति और अक्षत की मां का पहले ही निधन हो चुका है. पिता की मौत के बाद वह अपने भाई को खोने के डर से चुप रही. 

मर्डर के बाद क्या बनाया प्लान?

मर्डर के बाद दोनों एक ही कमरे में रहते थे. एक जान-पहचान वाले के मुताबिक पिता की हत्या के बाद अक्षत ने सरेंडर करने का सोचा और एक दोस्त को फोन करके घटना की जानकारी दी, लेकिन उसने बॉडी को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया ताकि उसकी बहन अकेली न रहे.

कोर्ट की सुनवाई के बाद अक्षत ने क्या कहा?

कोर्ट की सुनवाई से निकलते हुए, अक्षत ने बिना सिर उठाए या एक शब्द भी बोले "हां" में सिर हिलाया, जब मीडिया ने पूछा कि क्या उसे अपने पिता की हत्या का अफसोस है. अक्षत ने इस घटना में परिवार के किसी भी सदस्य के शामिल होने से भी इनकार किया है. अक्षत को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की जांच अभी भी जारी है. लखनऊ पुलिस मामले के हर पहलू की अच्छी तरह से जांच कर रही है.

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