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India Daily

उत्तर प्रदेश का लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 5 भारत के

IQAir की रिपोर्ट में यूपी के गाजियाबाद का शहर लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना है. यहां PM2.5 स्तर बेहद खतरनाक पाया गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
उत्तर प्रदेश का लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 5 भारत के
Courtesy: pinterest

स्विस संस्था IQAir की 2025 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट ने एक बार फिर भारत में प्रदूषण की गंभीर तस्वीर पेश की है. रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है. हैरानी की बात यह है कि इस सूची में दिल्ली नहीं, बल्कि एक छोटा शहर शीर्ष पर है. इससे साफ है कि प्रदूषण अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहा.

लोनी क्यों बना सबसे प्रदूषित

लोनी में PM2.5 का औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय सुरक्षित मानक से 22 गुना अधिक है. पिछले साल की तुलना में इसमें करीब 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. PM2.5 के ये सूक्ष्म कण फेफड़ों और खून में सीधे प्रवेश कर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं.

दुनिया के शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 5 अकेले भारत से हैं जिनमें उत्तर प्रदेश का लोनी पहले नंबर पर, मेघालय का बर्नीहाट दूसरे नंबर पर और दिल्ली दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिम बंगाल का उला (बिरनगर) क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं.

भौगोलिक और स्थानीय कारण

लोनी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है, जहां हवा का प्रवाह सीमित रहता है. इस इलाके के आसपास फैक्ट्रियां, ईंट भट्टे और भारी ट्रैफिक प्रदूषण को बढ़ाते हैं. सर्दियों में ठंडी और स्थिर हवा प्रदूषक तत्वों को जमीन के करीब रोक लेती है, जिससे हालात और खराब हो जाते हैं.

पराली और मौसम का असर

उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान पंजाब और हरियाणा में होने वाली पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण को और बढ़ा देती हैं. अक्टूबर से जनवरी के बीच इसका असर सबसे ज्यादा दिखता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान प्रदूषण में करीब 60 प्रतिशत तक योगदान पराली जलाने का होता है.

भारत की स्थिति चिंताजनक

रिपोर्ट में भारत की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है. मेघालय का बर्नीहाट तीसरे और दिल्ली चौथे स्थान पर रहा, जबकि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी. भारत कुल मिलाकर छठे स्थान पर है, जहां प्रदूषण स्तर WHO के मानकों से करीब 10 गुना ज्यादा है. यह संकेत देता है कि समस्या व्यापक और गंभीर होती जा रही है.