Chandan Gupta Murder: कासगंज में चंदन गुप्ता हत्याकांड के आरोपियों को विदेशी और भारतीय एनजीओ से फंडिंग मिलने का खुलासा हुआ है. NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की विशेष अदालत ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसमें बताया गया कि न्यूयॉर्क, लंदन और भारत के एनजीओ ने आरोपियों को फंडिंग की थी. कोर्ट ने इस फंडिंग के स्रोत और इसके उद्देश्यों पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जांच की सिफारिश की है.
एनआईए स्पेशल कोर्ट ने अपने आदेश में न्यूयॉर्क और लंदन के एनजीओ का नाम लिया है, जिन्होंने आरोपियों को फंडिंग दी. इनमें न्यूयॉर्क की "Alliance for Justice and Accountability", वॉशिंगटन से संचालित "Indian American Muslim Council" और लंदन का "South Asia Solidarity Group" शामिल हैं. यह फंडिंग चंदन गुप्ता हत्याकांड के बाद हुई हिंसा के आरोपियों तक पहुंची थी.
भारतीय एनजीओ से भी फंडिंग मिली
इसके साथ ही, भारत के कुछ प्रमुख एनजीओ का भी जिक्र कोर्ट के आदेश में किया गया है. इन एनजीओ में मुंबई का "Citizens for Justice and Peace", दिल्ली का "People Union for Civil Liberties" और लखनऊ से संचालित "Rihai Manch" शामिल हैं. इन एनजीओ ने भी आरोपियों को फंडिंग प्रदान की थी. एनआईए कोर्ट ने इन एनजीओ के फंडिंग स्रोत और उद्देश्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
कोर्ट ने जांच की सिफारिश की
एनआईए कोर्ट ने इन एनजीओ से मिलने वाली फंडिंग के स्रोत की जांच की मांग की है. कोर्ट ने इस पर भी सवाल उठाए हैं कि इन एनजीओ का सामूहिक उद्देश्य क्या है और क्या ये फंडिंग न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए तो नहीं की जा रही है? कोर्ट ने इस मामले में गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्णय की कॉपी भेजने के आदेश भी दिए हैं.
चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को उम्रकैद
चंदन गुप्ता हत्याकांड के मामले में एनआईए स्पेशल कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से दो आरोपियों को बरी किया गया और एक आरोपी की मौत हो गई. कोर्ट ने उन 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी, जिनके खिलाफ सबूत थे.
कासगंज में चंदन गुप्ता की हत्या
यह हत्याकांड 26 जनवरी 2018 को कासगंज में हुआ था, जब तिरंगा यात्रा के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के बाद कासगंज में हिंसा भड़क गई थी. छह साल और 11 महीने बाद, एनआईए कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.