बागपत: जिले के बड़ौत इलाके में नगरपालिका की घोर लापरवाही ने एक मासूम बच्चे की जान ले ली. निर्माणाधीन बारात घर में खुले पड़े गहरे गड्ढे में खेलते हुए 10 साल के इरशाद की मौत हो गई. घटना के दो घंटे बाद उसकी लाश सेफ्टी टैंक में तैरती हुई मिली. आसपास के लोगों ने बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं.
बड़ौत के बड़का रोड पर इदारा वाली मस्जिद के पास बन रहे बारात घर में यह दर्दनाक हादसा हुआ. इरशाद रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ वहां खेलने गया था. खेलते समय अचानक उसका पैर फिसला और वह पानी से भरे गहरे सेफ्टी टैंक में गिर गया. आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण बच्चे को तुरंत कोई नहीं देख सका.
लगभग दो घंटे तक इरशाद टैंक में पड़ा रहा. जब लोगों को शक हुआ तो उन्होंने तलाश शुरू की. एक व्यक्ति ने सेफ्टी टैंक में बच्चे की लाश तैरते देखी. आसपास के लोगों ने बड़ी मुश्किल से इरशाद को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया.
इरशाद अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था. उसके पिता शमशाद मजदूरी करके परिवार चलाते हैं. वे बिलौचपुर के रहने वाले हैं और बड़ौत में किराए के मकान में रहते हैं. घटना के बाद गुस्साए लोगों ने मौके पर हंगामा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका ने बारात घर के निर्माण में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी.
बारात घर में शौचालय के गड्ढे लंबे समय से खुले पड़े थे. न तो कोई ढक्कन लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड. इरशाद के रिश्तेदार आकिल ने बताया कि बच्चा खेलते-खेलते गिर गया. नगरपालिका प्रशासन इस पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साधे हुए है. स्थानीय लोग अब न्याय की मांग कर रहे हैं.