नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इस नए वित्त वर्ष की अपनी पहली बड़ी आवासीय प्लॉट योजना की घोषणा कर दी है. लंबे समय से नई आवंटन दरों के इंतजार में अटकी यह योजना अब छह अप्रैल को लॉन्च होने जा रही है. प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक आवेदकों को फॉर्म भरने के लिए पूरे एक महीने का समय दिया जाएगा. यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है जो जेवर एयरपोर्ट के नजदीक अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं.
योजना के तहत 973 प्लॉटों के लिए आवेदन की खिड़की छह अप्रैल को खुलेगी. आवेदन करने के लिए एक महीने का समय मिलेगा. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए प्राधिकरण ने केवल ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण शुल्क भुगतान की व्यवस्था की है. यीडा ने प्लॉट आवंटन के लिए 18 जून की तारीख तय की है, जब सार्वजनिक रूप से लॉटरी निकाली जाएगी. नई आवंटन दरों के प्रभावी होने के साथ ही प्राधिकरण अब पूरी तैयारी में है.
इस योजना में शामिल प्लॉट सेक्टर 15सी, सेक्टर 18 और सेक्टर 24ए जैसे प्राइम लोकेशंस पर स्थित हैं. इन आवासीय प्लॉटों का आकार 162 वर्गमीटर से लेकर 290 वर्गमीटर तक रखा गया है, जो मध्यम और बड़े परिवारों की जरूरतों को पूरा करेंगे. कुल 973 प्लॉटों में से 755 प्लॉट सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए आरक्षित किए गए हैं. आवंटन के बाद सफल उम्मीदवारों का पैसा कुल कीमत में समायोजित कर दिया जाएगा.
आवेदकों को आवेदन के समय ही प्लॉट की कुल अनुमानित कीमत का दस प्रतिशत हिस्सा पंजीकरण शुल्क के रूप में जमा करना होगा. प्राधिकरण ने यह व्यवस्था की है कि यदि किसी आवेदक को लॉटरी में प्लॉट नहीं मिलता है, तो उसका पूरा पैसा वापस उसके खाते में भेज दिया जाएगा. सफल आवेदकों के लिए यह राशि उनकी अंतिम भुगतान राशि में जोड़ दी जाएगी. यह प्रक्रिया निवेशकों और घर खरीदारों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक बनाई गई है.
यीडा ने चालू वित्त वर्ष के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया है. इस राजस्व का बड़ा हिस्सा यानी करीब साढे सात हजार करोड़ रुपये प्लॉट योजनाओं और पुराने बकाये की वसूली से जुटाया जाएगा. आवासीय प्लॉटों के साथ-साथ प्राधिकरण आने वाले समय में औद्योगिक, मिश्रित भूमि उपयोग और संस्थागत श्रेणियों में भी नई प्लॉट योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है. इससे क्षेत्र में औद्योगिक और शैक्षिक बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा.
योजना के लॉन्च होने में देरी का मुख्य कारण नए वित्त वर्ष की आवंटन दरों का लागू होना था. अब नई दरें बुधवार से प्रभावी हो गई हैं, जिससे संपत्ति के मूल्यों में स्पष्टता आ गई है. सीईओ के अनुसार, यह योजना यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्र में विकास को नई गति देगी. प्राधिकरण का लक्ष्य जेवर एयरपोर्ट के पास एक सुव्यवस्थित टाउनशिप विकसित करना है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को निवेश और आवास के लिए बेहतर विकल्प मिल सकें.