एक महिला सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ और गंगाजल के साथ आगरा ताजमहल के बाहर पहुंच गई. महिला ताजमहल के अंदर जलाभिषेक करना चाहती थी. उसने दावा किया कि 'भगवान शिव' उसके सपने में आए और खुद भगवान शंकर ने ही उसे ऐसा करने के लिए कहा. हालांकि, महिला को ताजमहल के अंदर जाने से पहले सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया.
महिला की पहचान मीना राठौर के रूप में हुई है. महिला ने कहा कि मैं गंगाजल चढ़ाने के लिए तेजो महालय आई थी. भगवान शिव ने मेरे सपने में आकर दर्शन दिए, जिसके बाद मैं तेजो महालय में जल चढ़ाने के लिए कांवड़ लेकर आई हूं. लेकिन, उन्होंने (पुलिसकर्मियों ने) मुझे आगे बढ़ने से रोक दिया. बताया जा रहा है कि महिला कासगंज के सोरों जी से कांवड़ लेकर पैदल दो दिनों में आगरा आई थी.
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ताज सुरक्षा, सैयद अरीब अहमद ने पीटीआई को बताया कि उसे पश्चिमी गेट बैरियर पर रोक दिया गया और उसे ताजमहल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई. अहमद ने कहा कि कुछ समय बाद, महिला ने खुद ही राजेश्वर मंदिर में 'गंगाजल' चढ़ाने का फैसला किया.
उधर, अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता संजय जाट ने मीना राठौर का समर्थन करते हुए कहा कि ये उनका अधिकार है कि वे इसे भगवान शिव का मंदिर बताकर 'गंगाजल' चढ़ाएं. उन्होंने कहा कि ताजमहल में 'गंगाजल' चढ़ाना हमारा अधिकार है क्योंकि ताजमहल 'तेजो महालय' है, जो भगवान शिव का मंदिर है.
ताजमहल अक्सर विवादों में रहता है क्योंकि दक्षिणपंथी समूह इसे शिव मंदिर होने का दावा करते हैं. इस दावे को खारिज करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 2017 में अदालत को बताया था कि स्मारक एक मकबरा है न कि मंदिर.