PMO से मिला जवाब, कानपुर के युवा पंचायत सहायक की देशभक्ति को मिली सराहना
कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र के एक युवा पंचायत सहायक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उनके द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र का जवाब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुआ.
कानपुर: देश के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच कभी व्यर्थ नहीं जाती. कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र के एक युवा पंचायत सहायक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उनके द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र का जवाब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुआ. यह पत्र न केवल उनके लिए गर्व का विषय बना, बल्कि यह भी साबित करता है कि राष्ट्रहित से जुड़े विचार और जागरूक नागरिकों की आवाज सर्वोच्च स्तर तक पहुंचती है.
बिल्हौर तहसील के आराजी ईशेपुर (ढुलमऊ) गांव निवासी 25 वर्षीय आशुतोष यादव ने मई महीने में प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा था. इस पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए देशहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए थे. साथ ही उन्होंने आवश्यक होने पर कठिन परिस्थितियों को स्वीकार करने और स्वदेशी सोच को बढ़ावा देने का संकल्प भी व्यक्त किया था.
PMO ने व्यक्त किया आभार
PMO की ओर से भेजे गए जवाबी पत्र में आशुतोष यादव के विचारों और जागरूकता की सराहना की गई. पत्र में कहा गया कि देशभर से मिलने वाले ऐसे आत्मीय संदेश सरकार को राष्ट्र निर्माण के लिए और अधिक ऊर्जा तथा प्रेरणा प्रदान करते हैं. नागरिकों की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है.
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ऊर्जा संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता की प्रशंसा
जवाबी पत्र में ऊर्जा संरक्षण के प्रति आशुतोष के दृष्टिकोण को भी सराहनीय बताया गया. साथ ही आवश्यक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उनके संकल्प की प्रशंसा की गई. प्रधानमंत्री कार्यालय ने माना कि ऐसे विचार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर जोर
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत सामूहिक प्रयासों, जनशक्ति और राष्ट्र प्रथम की भावना के बल पर लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों के प्रति आशुतोष की जागरूकता तथा सकारात्मक सोच को एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान बताया गया.
युवा के लिए प्रेरणादायक पल
प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र मिलने के बाद आशुतोष यादव ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और इससे उन्हें समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर ढंग से निभाने का उत्साह मिलेगा.