कानपुर और उन्नाव के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. जाजमऊ के नए गंगा पुल पर 26 जून से मरम्मत कार्य शुरू होने जा रहा है. पुल की संरचनात्मक मजबूती को बनाए रखने के लिए तीन दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके चलते यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किए गए हैं. प्रशासन ने यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है. खासतौर पर भारी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए रात के समय प्रतिबंध लागू रहेगा. ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों को घर से निकलने से पहले नए रूट की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
जाजमऊ गंगा पुल कानपुर और उन्नाव के बीच सबसे व्यस्त संपर्क मार्गों में गिना जाता है. प्रतिदिन दो लाख से अधिक छोटे और बड़े वाहन इस पुल का उपयोग करते हैं. लगातार बढ़ते दबाव और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुल की अप्रोच रोड प्रभावित हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए तीन दिनों तक मरम्मत कार्य किया जाएगा, ताकि पुल की स्थिति बेहतर बनी रहे.
प्रशासन के अनुसार 26, 27 और 28 जून को रात 10 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी. इस अवधि में भारी और वाणिज्यिक वाहनों को नए गंगा पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि हल्के वाहन सिंगल लेन के जरिए पुल का उपयोग कर सकेंगे. इससे मरम्मत कार्य के साथ-साथ आवश्यक यातायात भी जारी रहेगा.
इटावा और आगरा की दिशा से आने वाले भारी वाहनों को रामादेवी और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के रास्ते आगे भेजा जाएगा. वहीं महोबा और हमीरपुर क्षेत्र से आने वाले वाहनों को घाटमपुर, जहानाबाद, बकेवर और बक्सर मोड़ से होते हुए वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा. प्रशासन ने विभिन्न मार्गों पर संकेतक और यातायात कर्मियों की तैनाती की तैयारी भी की है.
कन्नौज की ओर से आने वाले भारी वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के रामेश्वर धाम मंदिर कट से हरदोई-उन्नाव मार्ग की तरफ मोड़ा जाएगा. वहीं बिल्हौर और चौबेपुर क्षेत्र से आने वाले वाहनों को चौबेपुर-बिठूर मार्ग के जरिए उन्नाव-हरदोई रोड की ओर भेजा जाएगा. इससे मुख्य पुल पर यातायात का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी.
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और एम्बुलेंस को तुरंत रास्ता देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि किसी मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचना सर्वोच्च प्राथमिकता है. सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम और ग्रीन कॉरिडोर सेल के हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके.