मसूरी में अब फास्टैग से होगा टोल कलेक्शन, पर्यटकों को जाम से मिलेगी राहत

पहाड़ों की रानी मसूरी में अब पर्यटकों को बैरियर पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द राहत मिलने वाली है. नगर पालिका परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मिलकर फास्टैग व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी है.

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Shilpa Srivastava

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में अब पर्यटकों को बैरियर पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द राहत मिलने वाली है. नगर पालिका परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मिलकर फास्टैग व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी है. बुधवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने मसूरी के मुख्य बैरियरों का जायजा लिया. टीम ने कोल्हूखेत स्थित इको टूरिज्म शुल्क बैरियर और माल रोड के दोनों बैरियरों का निरीक्षण किया.

फास्टैग से क्या फायदा होगा?

फास्टैग लग जाने के बाद शुल्क वसूली पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को वाहन रोककर लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा. शुल्क चुकाने की प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी हो जाएगी. इससे पर्यटन सीजन में ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा और लोगों का समय बचेगा.

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि फास्टैग सिस्टम लागू होने से राजस्व संग्रह भी बेहतर तरीके से होगा. साथ ही पूरा सिस्टम आधुनिक और सुविधाजनक बन जाएगा.


जोरों पर चल रही हैं तैयारियां: 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरियरों पर फास्टैग लगाने के लिए जरूरी उपकरण, तकनीकी व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की. इसके बाद एक बैठक भी हुई, जिसमें NHAI और नगर पालिका के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर चर्चा हुई. जल्द ही सभी पक्षों की बैठक बुलाकर इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. मसूरी में हर साल हजारों पर्यटक आते हैं. खासकर पर्यटन सीजन में बैरियरों पर भारी जाम लगता है. फास्टैग व्यवस्था लागू होने से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी.

बता दें कि यह कदम पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को इसका फायदा मिलेगा.