उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल की जमीन पर बनी एक अवैध मजार को बुलडोजर से गिरा दिया. यह मजार उदयीपुर गांव के कोल्हुआ क्षेत्र में स्थित संरक्षित वन भूमि पर बनाई गई थी. प्रशासन और वन विभाग के मुताबिक यह निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी था और वर्षों से सरकारी जंगल की जमीन पर कब्जा करके खड़ा किया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि यह मजार करीब 50 वर्ष से अधिक पुरानी बताई जा रही थी. जांच में सामने आया कि कई साल पहले कुछ लोगों ने जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कर यहां मजार बनवा दी थी. वन विभाग लंबे समय से इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कोशिश कर रहा था. सभी दस्तावेजों और जमीन के रिकॉर्ड की जांच के बाद मजार को अनधिकृत घोषित किया गया.
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी तरह के विवाद या तनाव से बचने के लिए देहात कोतवाली पुलिस और भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर तैनात किया गया था. बुलडोजर की मदद से कुछ ही समय में पूरी मजार को गिरा दिया गया. प्रशासन ने साफ किया कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनने दी गई.
क्षेत्राधिकारी नगर ज्योतिश्री ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण कानून के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि इस मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और अगर कोई व्यक्ति आपत्ति करता है या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन किसी भी दबाव में नहीं आएगा.
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि जिले के कई इलाकों में अवैध रूप से मजारों के निर्माण की शिकायतें मिली हैं. सभी स्थानों पर जमीन के स्वामित्व की जांच की जा रही है. जहां भी सरकारी या वन भूमि पर अवैध कब्जा मिलेगा, वहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा कर अपनी आस्था के नाम पर निर्माण नहीं कर सकता. यह कानून का उल्लंघन है. पहले भी ऐसी कार्रवाइयां की गई हैं और आगे भी अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि सरकारी और जंगल की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके.