संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया. राय सत्ती थाना क्षेत्र में सुबह तड़के शुरू हुए इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमें शामिल रहीं. संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई.
जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि बिजली चोरी की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. इस अभियान के लिए कुल सात टीमें बनाई गई थीं. जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ. उन्होंने बताया कि एक दो स्थानों पर ऐसा पाया गया जहां 50 से 60 घरों को एक ही स्रोत से बिजली सप्लाई की जा रही थी. मौके पर एक तरह का मिनी पावर स्टेशन बनाया गया था.
#WATCH | Sambhal, Uttar Pradesh: Sambhal District Magistrate Rajendra Pensia says, "An operation was conducted against electricity theft in the Raisatti police station area, for which seven teams were formed. A large amount of theft was detected, but there were one or two places… pic.twitter.com/7EshfDqfTm
— ANI (@ANI) January 5, 2026
प्रशासन ने बताया कि बिजली चोरी के लिए भूमिगत सिस्टम तैयार किया गया था ताकि किसी को शक न हो. जांच में मिले सबूतों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है. साथ ही नियमों के अनुसार भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है.
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने कहा कि इस क्षेत्र में बिजली चोरी के कारण करीब 51 प्रतिशत तक लाइन लॉस दर्ज किया गया था. लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के बाद यह अभियान चलाया गया.
छापेमारी के दौरान पुलिस और बिजली विभाग की टीम गलियों में पैदल चलकर जांच करती नजर आई. एक तीन मंजिला इमारत में खुलेआम बिजली चोरी पाई गई. वहां बाहर लगे बिजली के खंभे से अवैध तार जोड़कर 40 से 50 घरों को बिजली दी जा रही थी. बिजली विभाग ने मौके पर ही अवैध कनेक्शन काट दिए.
अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत के खिलाफ पहले भी बिजली चोरी का मामला दर्ज था और मीटर हटाए जा चुके थे. इसके बावजूद दोबारा चोरी की जा रही थी. इमारत के बाहर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे ताकि किसी भी कार्रवाई की पहले से जानकारी मिल सके. गली के ऊपर छत डालकर निजी बिजली वितरण सिस्टम बनाया गया था.
प्रशासन ने कहा कि मामले में नए सिरे से केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने साफ किया कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा.