Police Exposed Dangerous Gang in Jewar: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास जमीन के दामों में उछाल के साथ ही फर्जीवाड़े का खेल भी बढ़ गया है. हाल ही में, पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके लोगों को जमीन बेच रहे थे.
अगर आप भी जेवर के आसपास किसी किसान या कॉलोनाइजर से जमीन खरीद कर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने का सपना देख रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि फर्जी तरीके से बैनामे हो रहे हैं.
रेकी और डॉक्यूमेंट्स पर कब्जा: यह गिरोह खाली जमीनों की पहचान करता था और फिर उन जमीनों के दस्तावेज हासिल करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करता था.
फर्जी दस्तावेजों का निर्माण: गिरोह जमीन मालिकों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाता था.
बेचने के नाम पर धोखाधड़ी: इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके, गिरोह जमीनों को असली मालिकों की जानकारी के बिना बेच देता था. पीड़ितों को लाखों रुपये का नुकसान होता था.
इस मामले में, गिरोह ने 14 बीघा जमीन के फर्जी पेपर बनाकर 21 लाख रुपये में बेचे. उन्होंने जमीन के असली मालिक वैभव और उसके परिवार के फर्जी दस्तावेज बनाए और खरीदारों को धोखा दिया. पुलिस की कार्रवाई में गिरोह के पास से उक्त जमीन के हड़प किये पैसों में से एक लाख 07 हजार रुपये बरामद हुए हैं.
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस को एक शिकायत मिली जिसके बाद उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं और फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे होंगे. पुलिस ने गिरोह के सदस्यों से 1 लाख 7 हजार रुपये बरामद किए हैं. फरार आरोपी रिंकू की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
ADCP के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नीटू, जयवीर सिंह, भूरा कुमार, पिंकू उर्फ देवीचरण, सौरभ कुमार, राहुल भाटी और प्रथम भाटी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि वे इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके पास इस गिरोह के बारे में कोई जानकारी है तो वे पुलिस को सूचित करें. यह घटना जेवर में जमीन खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए एक चेतावनी है. जमीन खरीदते समय सतर्क रहना और सभी आवश्यक सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है.
यह मामला तहसील कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाता है. पुलिस का मानना है कि गिरोह को तहसील से दस्तावेज प्राप्त करने में मदद मिली होगी. पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है. जेवर में जमीन खरीदते समय सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है. फर्जीवाड़े के गिरोह सक्रिय हैं और लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा सकते हैं. जमीन खरीदने से पहले, सभी आवश्यक जांच कर लें और किसी भी संदेह होने पर सलाह लें.