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India Daily

आसमान में एयर इंडिया के विमान के कॉकपिट से निकला धुआं, पायलट की 'मे डे' कॉल से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार शाम एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. कॉकपिट के इलेक्ट्रिक पैनल से धुआं निकलने के बाद पायलट ने 'मे डे' कॉल कर आपात स्थिति की सूचना दी, जिसके बाद विमान को सुरक्षित उतारा गया.

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आसमान में एयर इंडिया के विमान के कॉकपिट से निकला धुआं, पायलट की 'मे डे' कॉल से मचा हड़कंप
Courtesy: Social Media

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब आसमान में उड़ रहे एक विमान में तकनीकी खराबी की खबर आई. पश्चिम बंगाल के बागडोगरा (सिलीगुड़ी) से दिल्ली की ओर जा रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के कॉकपिट में अचानक धुआं भरने लगा, जिससे विमान में सवार 148 यात्रियों की सांसें अटक गईं. एयरपोर्ट के विश्वसनीय सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब विमान अपने निर्धारित मार्ग पर था, लेकिन बीच रास्ते में ही कॉकपिट के इलेक्ट्रिक पैनल (एवियोनिक्स बे) से धुआं उठने लगा.

जैसे ही पायलट ने इलेक्ट्रिक पैनल से धुआं निकलते देखा, उन्होंने बिना समय गंवाए आपातकालीन स्थिति की घोषणा कर दी. पायलट ने तुरंत वायु यातायात नियंत्रण कक्ष (ATC) को संकट का संकेत देते हुए 'मे डे' (May Day) कॉल जारी की. गौरतलब है कि 'मे डे' एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संकट संकेत है, जिसका उपयोग केवल अत्यंत गंभीर और आपातकालीन स्थितियों में ही किया जाता है. एटीसी को अलर्ट मिलते ही विमान को तुरंत लखनऊ की ओर मोड़ने का निर्देश दिया गया. हवाई अड्डे पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, विमान शाम लगभग पांच बजकर 18 मिनट पर सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया.

यात्रियों की सुरक्षा और वैकल्पिक इंतजाम 

विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद प्रशासन और एयरलाइन ने राहत की सांस ली. विमान में चालक दल के छह सदस्यों सहित कुल 148 लोग सवार थे, जिन्हें सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया. अच्छी बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.

यात्रियों के लिए की गई उचित व्यवस्था

एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उनमें से अधिकांश को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे विमानों में वैकल्पिक सीटों का प्रबंध किया. वहीं, कुछ यात्रियों को उनके टिकट की पूरी राशि वापस कर दी गई. जिन यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा, उनके लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई और बाद की उड़ानों में उनकी बुकिंग दोबारा सुनिश्चित की गई.