मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सरवट मोहल्ले में एक ही परिवार के चार लोगों के शव बंद कमरे में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. प्रथमदृष्टया यह मामला ईद पर बहन को दी गई ईदी (1500 रुपये) को लेकर हुए पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, मृतक इरशाद (30-32) ने ईद के अवसर पर अपनी विवाहित बहन को 1500 रुपये की ईदी दी थी. इस बात से इरशाद की पत्नी नौरिन (25) नाराज हो गईं, जिसके बाद दोनों में कहासुनी हुई. आरोप है कि सोमवार को नौरिन की मां और बहनों ने आकर इस मामले पर घर में जमकर हंगामा किया. पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन रात में फिर से पति-पत्नी में झगड़ा शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा.
मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया. अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए. इरशाद का शव पंखे से चादर के सहारे लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी नौरिन, दो साल का बेटा आहिल और मात्र एक महीने की बेटी अक्सा के शव जमीन पर पड़े हुए थे. बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इरशाद ने पहले तीनों को जहरीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतार दिया, फिर खुद फांसी लगा ली.
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. एसएसपी ने बताया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और प्रथम दृष्टया शवों पर कोई गंभीर चोट के निशान नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा. पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है.
मृतक इरशाद के भाई इनाम ने बताया कि घटना के पीछे केवल ईदी को लेकर हुआ विवाद ही नहीं, बल्कि सास और सालियों का दखल भी था. उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को नौरिन की मां और बहनों ने आकर जमकर गाली-गलौज की, जिसके बाद रात भर मियां-बीवी में झगड़ा चलता रहा. सुबह लगभग चार बजे सब शांत हुआ और इसके बाद यह हादसा हो गया.