menu-icon
India Daily

'फेफड़ों में भरा पानी फिर कार्डियक अरेस्ट', युवराज मेहता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए क्या-क्या खुलासे

युवराज शुक्रवार देर रात गुरुग्राम स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी. इसी दौरान उनकी कार सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. यह गड्ढा खुला हुआ था और वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'फेफड़ों में भरा पानी फिर कार्डियक अरेस्ट', युवराज मेहता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए क्या-क्या खुलासे
Courtesy: @NsNitinsinha

नोएडा में 27 वर्षीय टेक इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, युवराज की मौत पानी में डूबने से घुटन (एस्फिक्सिया) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट आने के कारण हुई. उनके फेफड़ों में करीब 200 मिलीलीटर पानी पाया गया, जिससे यह साफ हो गया कि वह पानी के भीतर सांस नहीं ले पाए.

घर लौटते समय हुआ हादसा

युवराज शुक्रवार देर रात गुरुग्राम स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी. इसी दौरान उनकी कार सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. यह गड्ढा खुला हुआ था और वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी.

मदद के लिए पिता को किया आखिरी कॉल

हादसे के बाद युवराज ने अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर मदद मांगी. पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची.

रेस्क्यू पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवराज मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद के लिए आवाज लगा रहे थे. कुछ लोगों का दावा है कि गड्ढे में लोहे की रॉड और मलबा होने के कारण पुलिस और दमकलकर्मी अंदर कूदने से हिचक रहे थे. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया. अधिकारियों का कहना है कि क्रेन, सीढ़ी, अस्थायी नाव और सर्चलाइट का इस्तेमाल किया गया, लेकिन घना कोहरा रेस्क्यू में बड़ी बाधा बना.

स्थानीय लोगों की शिकायत

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह गड्ढा पहले से ही खतरनाक था और इसकी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. कम विजिबिलिटी में यह जगह डेथ ट्रैप बन गई थी.

प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद प्रशासन पर सवाल उठे तो गड्ढा भरने का काम शुरू किया गया. एक जूनियर इंजीनियर को नौकरी से हटा दिया गया, जबकि कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. मामले की जांच जारी है.

बिल्डरों पर केस दर्ज

पुलिस ने इस हादसे के संबंध में दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर उन्हें तुरंत सुरक्षित किया जाएगा.