ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के जीएसटी विभाग में शुक्रवार को हुई एक विभागीय बैठक के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह की तबीयत बिगड़ने और उनके अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने विभाग के भीतर चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया है. कुछ अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारी पर अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. वहीं संबंधित अधिकारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या पहले से मौजूद थी.
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को नोएडा जोन कार्यालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक चल रही थी. इसी दौरान डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई. बताया गया कि वह बैठक के बीच में ही अचेत होकर गिर पड़े. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है.
कुछ अधिकारियों का आरोप है कि बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर के बीच तीखी बातचीत हुई. उनका कहना है कि कार्यों की समीक्षा को लेकर दबाव बनाया गया और बातचीत का तरीका उचित नहीं था. आरोप लगाने वाले अधिकारियों का दावा है कि इसी तनाव के कारण वेद प्रकाश सिंह की तबीयत अधिक बिगड़ गई.
दूसरी ओर एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि बैठक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थी और किसी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे थे और बैठक के दौरान उनकी स्थिति अचानक खराब हो गई.
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह पहला अवसर नहीं है जब कार्यशैली को लेकर सवाल उठे हों. इससे पहले भी कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने व्यवहार संबंधी शिकायतें सामने रखी थीं. हालांकि इन मामलों में जांच की प्रक्रिया अपनाई गई थी. विभाग के भीतर इन घटनाओं को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है.
वेद प्रकाश सिंह के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और वे उनके पास पहुंच रहे हैं. फिलहाल विभाग के अधिकारी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. वहीं इस पूरे मामले ने सरकारी कार्यालयों में कार्यस्थल के माहौल और अधिकारियों पर बढ़ते दबाव को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है.