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गोरखपुर में पौत्री ने की दादी की निर्मम हत्या, 'बंगालिन' कहने पर गला काटा

पुलिस जांच के अनुसार, कलावती देवी के पति का निधन 20 साल पहले हो चुका था. उनके दो बेटे पुणे और राजकोट में रहते हैं, जबकि उनकी बहू उतरा देवी और पौत्री खुशी गांव में उनके साथ रहते थे. उतरा देवी की पहली शादी पश्चिम बंगाल के शंकर घोष से हुई थी, जिससे उनकी बेटी खुशी का जन्म हुआ. इस बात को लेकर कलावती अक्सर खुशी को 'बंगालिन' कहकर ताने देती थीं

Gyanendra Sharma
गोरखपुर में पौत्री ने की दादी की निर्मम हत्या, 'बंगालिन' कहने पर गला काटा
Courtesy: Social Media

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पौत्री ने अपनी दादी की निर्मम हत्या कर दी. यह सनसनीखेज घटना पीपीगंज थाना क्षेत्र के भुईधरपुर गांव में 26 सितंबर को हुई थी. पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 50 वर्षीय कलावती देवी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनकी 18 वर्षीय पौत्री खुशी ने की थी. हत्या के पीछे की वजह थी बार-बार 'बंगालिन' कहकर ताने मारना और पारिवारिक विवाद.

पुलिस जांच के अनुसार, कलावती देवी के पति का निधन 20 साल पहले हो चुका था. उनके दो बेटे पुणे और राजकोट में रहते हैं, जबकि उनकी बहू उतरा देवी और पौत्री खुशी गांव में उनके साथ रहते थे. उतरा देवी की पहली शादी पश्चिम बंगाल के शंकर घोष से हुई थी, जिससे उनकी बेटी खुशी का जन्म हुआ. इस बात को लेकर कलावती अक्सर खुशी को 'बंगालिन' कहकर ताने देती थीं. यह ताने खुशी के लिए असहनीय हो गए थे, जिसने उसे इस जघन्य अपराध के लिए उकसाया.

धारदार हथियार से अपनी दादी का गला काट दिया

पुलिस के मुताबिक, कलावती घर के बगल में बनी एक झोपड़ी में रहती थीं, जबकि उतरा और खुशी घर के दूसरे हिस्से में. घटना वाले दिन, 26 सितंबर को, उतरा देवी दो हजार रुपये निकालने के लिए बैंक गई थीं. इस दौरान खुशी ने मौके का फायदा उठाकर धारदार हथियार से अपनी दादी का गला काट दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस क्रूरता को और उजागर किया, जिसमें पता चला कि कलावती का गला एक बार में नहीं, बल्कि चार बार वार करके काटा गया था.

पुलिस ने इस मामले में खुशी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दादी और पौत्री के बीच लंबे समय से निजी और पारिवारिक विवाद चल रहे थे. कलावती के ताने और उपेक्षापूर्ण व्यवहार ने खुशी के मन में गहरी नाराजगी पैदा कर दी थी, जिसका परिणाम इस दुखद घटना के रूप में सामने आया.