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गोरखपुर को मिलेगा पहला आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल, 100 करोड़ की लागत से बदलेगी बस यात्रा की तस्वीर

गोरखपुर में पहले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है. 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक बस अड्डा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
गोरखपुर को मिलेगा पहला आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल, 100 करोड़ की लागत से बदलेगी बस यात्रा की तस्वीर
Courtesy: ai generated

गोरखपुर शहर जल्द ही एक बड़ी परिवहन सुविधा से जुड़ने जा रहा है. रेलवे बस स्टेशन परिसर में प्रस्तावित इंटर स्टेट बस टर्मिनल परियोजना अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है. निर्माण से पहले तकनीकी सर्वे और मिट्टी की जांच का काम शुरू कर दिया गया है. करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह बस टर्मिनल न केवल शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि यात्रियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा. परियोजना पूरी होने के बाद बस यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगी.

निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार

गोरखपुर के प्रस्तावित आईएसबीटी को लेकर संबंधित एजेंसियों ने प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी हैं. सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अब मिट्टी परीक्षण का कार्य किया जा रहा है ताकि निर्माण की रूपरेखा अंतिम रूप से तय की जा सके. लगभग 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह टर्मिनल शहर का पहला आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डा होगा. यहां से उत्तर प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न प्रमुख राज्यों के लिए सीधी बस सेवाएं संचालित करने की योजना है. अधिकारियों का मानना है कि परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद वर्तमान बस स्टेशन को अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है. पूरी परियोजना को आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

रेलवे स्टेशन से होगा सीधा संपर्क

नई परियोजना की सबसे खास विशेषता इसका रेलवे स्टेशन से जुड़ाव होगा. प्रस्तावित योजना के तहत बस टर्मिनल को फुट ओवरब्रिज के माध्यम से रेलवे स्टेशन से जोड़ने की तैयारी है. इससे ट्रेन और बस यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी. परिवहन निगम के अनुसार यह टर्मिनल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा. गोरखपुर बस स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 1100 से 1200 बसों का संचालन होता है और सामान्य दिनों में 50 से 60 हजार यात्री यहां से सफर करते हैं. ऐसे में नया आईएसबीटी बढ़ते यात्री दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा.

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

आईएसबीटी परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं. अलग-अलग मार्गों की बसों के लिए अलग प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिससे संचालन व्यवस्थित रहेगा. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यात्रियों को बसों की आवाजाही और समय की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलती रहेगी. इसके अलावा वातानुकूलित प्रतीक्षालय, कैंटीन, मनोरंजन के लिए टीवी, आरामदायक विश्रामालय, होटल, रेस्टोरेंट और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. इससे यह बस अड्डा केवल यात्रा केंद्र नहीं बल्कि एक आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा.