चित्रकूट में रास्ता खोजने के लिए Google Maps पर निर्भर रहना एलआईसी के एक शाखा प्रबंधक के लिए जानलेवा साबित हो सकता था. लगातार बारिश के बाद उफन रहे नाले के रपटे से गुजरते समय उनकी कार अचानक तेज पानी के बहाव में बहने लगी. उन्होंने किसी तरह कार से बाहर निकलकर एक पेड़ को पकड़ लिया और पूरी रात उसी के सहारे अपनी जान बचाते रहे. सुबह ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया. हादसे में शाखा प्रबंधक को चोटें भी आई हैं. पुलिस के मुताबिक उनकी कार को भी बाद में नाले से बाहर निकाल लिया गया.
घटना में बचाए गए व्यक्ति की पहचान प्रयागराज के सराय ममरेज थाना क्षेत्र के जंघई निवासी बृजेश कुमार यादव के रूप में हुई है. बृजेश भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी की मऊ शाखा में शाखा प्रबंधक हैं. जानकारी के मुताबिक वह लखनऊ से अपनी ड्यूटी पर मऊ लौट रहे थे. लखनऊ में उनकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था. परिवार से मिलकर वह वापस मऊ जा रहे थे. रास्ते में वह Google Maps के बताए मार्ग के अनुसार राजापुर हटवा संपर्क मार्ग से होकर आगे बढ़ रहे थे. रात काफी हो चुकी थी और लगातार बारिश के कारण रास्ते में पानी का बहाव बढ़ा हुआ था.
बताया गया कि रात करीब 12 बजे बृजेश ग्राम पंचायत रेरुवा के मजरा बुधवल स्थित बुधवल नाले के रपटे पर पहुंचे. लगातार बारिश के कारण नाले में पानी तेज गति से बह रहा था. अंधेरे में पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं लग सका. जैसे ही कार रपटे पर पहुंची, तेज बहाव ने उसे अपनी चपेट में ले लिया. कार के बहने से बृजेश घबरा गए. उन्होंने स्थिति को समझते हुए किसी तरह कार का शीशा खोला और बाहर निकलने की कोशिश की.
कार से बाहर निकलने के बाद बृजेश ने पास में मौजूद एक पेड़ को पकड़ लिया. पानी का बहाव इतना तेज था कि वहां से निकलना उनके लिए बेहद मुश्किल था. उन्होंने पूरी रात उसी पेड़ के सहारे पानी के बीच लटककर बिताई. रात के अंधेरे और तेज बहाव के कारण वह मदद के लिए कहीं जा भी नहीं सकते थे. इस दौरान वह पेड़ को पकड़े रहे और सुबह होने का इंतजार करते रहे. लगातार बारिश और पानी के बीच पूरी रात गुजारना उनके लिए बेहद मुश्किल रहा.
सुबह होने के बाद आसपास के ग्रामीणों की नजर नाले के पास फंसे बृजेश पर पड़ी. ग्रामीणों ने उन्हें देखा तो तत्काल उनकी मदद की गई और सुरक्षित बाहर निकाला गया. हादसे के बाद बृजेश को चोटें भी आई थीं. ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई.
थाना प्रभारी शिवआसरे ने बताया कि शाखा प्रबंधक को सुरक्षित घर पहुंचा दिया गया है. पुलिस के मुताबिक उनकी कार को भी नाले से बाहर निकाल लिया गया. हादसे के बाद इलाके में इस घटना की चर्चा होती रही. लगातार बारिश के दौरान नालों और रपटों पर पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है. ऐसे रास्तों पर वाहन लेकर जाने से पहले पानी की गहराई और बहाव की स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी है. इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि डिजिटल मैप रास्ता बताने में मदद कर सकते हैं, लेकिन बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में सड़क की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. बृजेश ने समय रहते कार से बाहर निकलकर पेड़ पकड़ लिया, जिससे उनकी जान बच सकी.