गाजियाबाद: यूपी के जनपद गाजियाबाद में हुई एक दर्दनाक घटना ने पुलिस सहायता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 22 वर्षीय युवक राजकुमार की पुलिस बूथ के बाहर अधिक खून बहने से मौत हो गई. पुलिस के अनुसार युवक एक ऑटो चालक से विवाद के बाद शिकायत करने पहुंचा था. वहीं परिजनों का आरोप है कि समय रहते मदद मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक बिहार के सीवान निवासी राजकुमार गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम क्षेत्र में कार मैकेनिक का काम करता था. रविवार रात ऑटो चालक से किराए को लेकर उसका विवाद हुआ. इसके बाद वह संजय नगर स्थित पुलिस सहायता बूथ पहुंचा. यह महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित पिंक बूथ था.
पुलिस का कहना है कि बूथ के अंदर मौजूद महिला कांस्टेबलों ने युवक के आक्रामक व्यवहार को देखकर दरवाजा नहीं खोला. कुछ देर बाद राजकुमार ने गुस्से में कांच के पैनल पर मुक्का मार दिया. कांच टूटने से उसका हाथ गहराई तक कट गया और काफी खून बहने लगा. कुछ समय बाद वह वहीं गिर पड़ा.
डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार बूथ में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी को सूचना दी. पुलिस की मोटरसाइकिल गश्ती टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया. हालांकि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने ऑटो चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
मृतक के भाई का कहना है कि चाहे युवक ने शराब पी रखी हो या नहीं, लेकिन मदद मांगने आए व्यक्ति को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए थी. परिवार का आरोप है कि एंबुलेंस देर से पहुंची और उसमें प्राथमिक उपचार का सामान भी नहीं था. इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पुलिस ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है ताकि पूरी घटना का क्रम स्पष्ट हो सके. फिलहाल इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है. वहीं परिजन मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उठाने की तैयारी कर रहे हैं.