गाजियाबाद में बिजली कनेक्शन लेने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब 5 किलोवॉट से 25 किलोवॉट क्षमता वाले नए बिजली कनेक्शन के लिए फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर NOC) अनिवार्य होगी. बिजली विभाग ने साफ किया है कि बिना वैध फायर एनओसी के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. यह नियम केवल नए आवेदकों तक सीमित नहीं रहेगा. विभाग ने इस श्रेणी के पहले से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायर एनओसी जमा करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए हजारों उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को फायर एनओसी जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं. विभाग ने इन उपभोक्ताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया है. तय समय के भीतर एनओसी उपलब्ध नहीं कराने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
बिजली विभाग के अनुसार, नया बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले विभागीय टीम स्थल का निरीक्षण करेगी. जांच के दौरान खंभे से कनेक्शन की दूरी, एबीसी केबल की स्थिति, कनेक्शन का स्थान और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ फायर विभाग द्वारा जारी वैध एनओसी की भी जांच की जाएगी. आवेदन ऑनलाइन और कार्यालय दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे.
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद जिले में 11 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं. जोन 1 में 5 से 25 किलोवॉट श्रेणी के 46,718 और 25 किलोवॉट से अधिक क्षमता वाले 2,751 उपभोक्ता हैं. वहीं, जोन 3 में 5 से 25 किलोवॉट श्रेणी के 1,00,583 उपभोक्ता दर्ज हैं. इन आंकड़ों के आधार पर विभाग सुरक्षा मानकों को लागू करने पर जोर दे रहा है.
मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन प्रतिष्ठानों में अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन है, वहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन हो और संभावित दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके.
बिजली विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा. विभाग ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से समय रहते फायर एनओसी प्राप्त कर जमा करने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई या बिजली सेवा में बाधा का सामना न करना पड़े.