सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के मलबे को हटाने के दौरान एक करीब 20 फीट गहरा और 1.5 मीटर चौड़ा ढांचा मिला है. इसे फिलहाल कुआं बताया जा रहा है. रविवार को मलबे के नीचे यह संरचना मिलने के बाद इलाके में इसकी उम्र और इतिहास को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने सीढ़ी की मदद से अंदर जाकर इस ढांचे की शुरुआती जांच की. जांच के बाद ASI अधिकारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह संरचना करीब 200 से 300 साल पुरानी लग रही है. अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो यह ढांचा मस्जिद से भी पुराना हो सकता है.
ASI ने अभी इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, खुदाई और विस्तृत जांच के बाद ही इसकी सही उम्र और इतिहास के बारे में जानकारी मिल सकेगी. ASI ने साफ किया है कि अभी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि जो संरचना मिली है वो वास्तव में कुआं ही है. इसकी सही प्रकृति का पता एक्सकवेशन यानी खुदाई के बाद ही चलेगा.
#WATCH | Saharanpur, Uttar Pradesh: Archaeological Survey of India (ASI) official enters the well that was discovered yesterday at the site where a mosque inside the Saharanpur Collectorate was demolished.
— ANI (@ANI) September 7, 2026
The well was barricaded on all four sides, with heavy police security… pic.twitter.com/8WbVTS1Wcy
इसके लिए प्रशासन को जरूरी अनुमति लेनी होगी. शुरुआती तौर पर इस संरचना को पोस्ट-मेडिवल पीरियड बताया जा रहा है. वहीं, मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली का कहना है कि मस्जिद में वुजू के लिए लंबे समय से कुओं का इस्तेमाल होता रहा है और यह भी उन्हीं में से एक हो सकता है.
यह मामला उस समय सामने आया है जब कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद को 5 सितंबर को कोर्ट के आदेश के बाद गिराया गया था. इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई 2026 को विवादित जमीन को सरकारी भूमि मानते हुए ढांचे को अवैध बताया था. मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस फैसले के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी, लेकिन 2 सितंबर को जिला जज सत्येंद्र कुमार ने याचिका खारिज कर दी. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद को सील किया और अगले दिन सरकारी जमीन पर बने बताए गए हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की.
इस मामले के शिकायतकर्ता और पूर्व बजरंग दल संयोजक विकास त्यागी ने दावा किया है कि मस्जिद से पहले इस जगह पर मंदिर हो सकता है. उन्होंने 2025 में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की थी. फिलहाल कुएं की सही उम्र और इतिहास को लेकर ASI की विस्तृत जांच और संभावित खुदाई का इंतजार है.