लखनऊ: चुनाव आयोग ने यूपी में एसआईआर की ड्रॉफ्ट लिस्ट जारी कर दी है. इस प्रक्रिया में यूपी जसे 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटे हैं, जिसके बाद अब 12.55 करोड़ मतदता सूची में शामिल हैं. यह ड्राफ्ट सूची पहले 31 दिसंबर को प्रकाशित की जानी थी, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार इसे आज आयोग की वेबसाइट पर पब्लिश किया गया है. रिवीजन के बाद यूपी में वोटर लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम कटेंगे.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक तय की गई है. वहीं, 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस अवधि के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े सभी गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) प्राप्त कर लिए गए हैं और उनका डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है. संशोधित समय-सारिणी के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिकों को एक महीने का समय मिलेगा, जिसमें वे नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे.
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया, '15 करोड़ के ऊपर जो मतदाता थे उसमें उन्होंने खुद या परिवार के किसी ने हस्ताक्षर करके दिया वह थे. पुरानी मतदाता सूची का लगभग 81 प्रतिशत लोगों ने साइन करके वापस किया और जिन्होंने नहीं दिया वह लगभगत 18 प्रतिशत हैं. जिन्होंने नहीं दिए वापस फॉर्म उनके कई कारण थे. मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख थी और स्थांतरित, यानि शिफ्ट करके जो वोटर चले गए हैं उनकी संख्या 2.17 करोड़ है. वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम दर्ज पाए गए 25.47 लाख थे.जिनका नाम ड्राफ्ट में नहीं आया वह कुल 2.89 करोड़ हैं.'
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के बाद 2 करोड़ 89 लाख वोटरों के नाम कट गए हैं. यूपी में एसआईआर के बाद 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा वोटर हैं. रिवीजन के बाद कुल 46 लाख वोटर मृत पाए गए.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.