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नो बॉल पर झगड़ा, दोस्त के घूंसे से गई 11 साल के बच्चे की जान, मृतक की मां ने कर दिया माफ

बच्चे क्रिकेट मैच खेल रहे थे. इस दौरान नो बॉल को लेकर विवाद हो गया. झगड़े में एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को घूंसा मार दिया. जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि मृतक बच्चे की मां ने उस बच्चे के खिलाफ केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया. महिला ने कहा कि उस बच्चे ने जानबूझकर मेरे बेटे को नहीं मारा था.

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यूपी के कानपुर में रविवार को लड़के की क्रिकेट खेलने समय मौत हो गई. नो-बॉल के बाद चिढ़ाने को लेकर बच्चों में झगड़ा हुआ. बात इतनी बढ़ गई कि इसमें 11 साल के आरिज की जान चली गई. दरअसल बच्चों के क्रिकेट खेलने के दौरान झगड़ा हुआ और चोट लगने से एक बच्चे की मौत हो गई. हालांकि मृतक बच्चे की मां ने उस बच्चे के खिलाफ केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया जिसकी वजह से उसकी इकलौती औलाद की जान चली गई. 

महिला ने कहा कि उस बच्चे ने जानबूझकर मेरे बेटे को नहीं मारा था. आरोपी बच्चे की मां के दर्द को समझते हुए महिला ने यह कहकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने से इनकार कर दिया कि खेल-खेल में तो विवाद होता ही है, उस बच्चे ने कोई जानबूझकर मेरे बेटे को थोड़ी मारा था.

नो बॉल को लेकर विवाद

बच्चे क्रिकेट मैच खेल रहे थे. इस दौरान नो बॉल को लेकर विवाद हो गया. झगड़े में एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को घूंसा मार दिया. इस दौरान आरिज बेहोश हो गया. साथी उसे लेकर घर पहुंचे. जहां से उसे लालबंगला क एक निजी अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. बेटे की मौत के बाद उसकी मां को पुलिस से लेकर आसपास के लोगों तक ने आरोपी बच्चे के खिलाफ केस दर्ज करवाने की सलाह दी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.

इकलौता बेटा था आरिज

जिस बच्चे की मौत हुई उसका नाम आरिज था. वह अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था. आरिज की मां सारिया का भी रो-रोकर बुरा हाल है. सारिया की वर्ष 2013 में कमाल से शादी हुई थी. कैंसर के चलते कुछ साल बाद ही कमाल की मौत हो गई. सब ने कहा कि आरोपी बच्चे पर केस दर्द कराओं लेकिन उस बच्चे को देखने के बाद महिला ने दरियादिली दिखाते हुए कहा कि जिस तरह मेरा बच्चा है, मैं अपने बच्चों को लेकर परेशान हूं इसी तरह अगर मैं इसको बंद (गिरफ्तार) करा दूंगी तो इसकी मां का क्या हाल होगा.