क्या दिल्ली की तरह पश्चिम बंगाल में भी चौंकाएगी बीजेपी, सीएम चेहरे को लेकर क्या हो रही चर्चा?
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य का नया मुख्यमंत्री कौन होगा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के सामने अब नेतृत्व चुनने की अहम चुनौती है. पार्टी ने इस चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था. सारा प्रचार ब्रांड मोदी के इर्द-गिर्द ही रहा. अब जीत के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथों में सौंपी जाएगी. बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या परवेश वर्मा की तरह शुभेंदु को भी किसी महिला सीएम के लिए अपनी सीट का त्याग करना पड़ेगा.
बंगाली और मांसाहारी मुख्यमंत्री की तलाश
भारतीय जनता पार्टी बंगाल में अपनी राजनीतिक जड़ों को हमेशा के लिए मजबूत करना चाहती है. इसलिए एक ऐसे मुख्यमंत्री की तलाश है जो जनता से जुड़ा हो. चुनाव प्रचार के दौरान ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो केवल एक बंगाली ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने यह भी दावा किया था कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री मांसाहारी होगा. पार्टी ऐसे दमदार नेता की खोज कर रही है, जो राज्य की संस्कृति में रचा-बसा हो.
क्या किसी महिला को मिलेगी कमान?
चुनाव में बीजेपी ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को बहुत ही प्रमुखता से उठाया था. इसी वजह से कयास लगाए जा रहे हैं कि अपनी महिला-समर्थक छवि को निखारने के लिए पार्टी किसी महिला नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बना सकती है. अगर ऐसा होता है, तो पेशे से फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल एक मजबूत दावेदार हो सकती हैं. इसके अलावा महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाने वालीं रूपा गांगुली का नाम भी चर्चा में है. वह सोनारपुर दक्षिण से विधायक हैं और महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में काफी सक्रिय रही हैं.
सबसे बड़ा नाम शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री पद की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम काफी अहम है. साल 2021 के चुनावों में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराकर उन्होंने 'जायंट किलर' की जो उपाधि हासिल की थी, वह उनके पक्ष में माहौल बनाती है. उन्होंने एक बार फिर ममता को हरा दिया. सुवेंदु अधिकारी ने अपनी दोनों सीटें जीत ली हैं. नंदीग्राम से उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार पबित्र कर को हराया. वहीं भवानीपुर में ममता को 15,105 वोटों के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी. इसके बाद उनका चेहरा मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा उभर कर आ रहा हैं.
दिलीप घोष की दावेदारी
वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. साल 2021 में बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल बनाने का पूरा श्रेय दिलीप घोष को ही जाता है और उनका प्रभाव आज भी बरकरार है।.
अन्य दावेदार
इन दिग्गज नामों के अलावा बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य भी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहे हैं. उन्हें पार्टी के भीतर सभी को साथ लेकर चलने वाला नेता माना जाता है, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर पार्टी विस्तार में अहम भूमिका निभाई है. इनके साथ ही निशीथ प्रामाणिक का नाम भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल है. कई योग्य चेहरों के होने से मुकाबला रोचक हो गया है.