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'हैलो आईजी साहब…', शख्स ने फर्जी सीओ बनकर किया फोन, होमगार्ड भर्ती में की गड़बड़ी कराने की कोशिश

कानपुर से सामने आए एक फर्जी फोन कॉल ने होमगार्ड विभाग में हड़कंप मचा दिया. आगरा के सीओ बनकर की गई कॉल में भर्ती और मेरिट लिस्ट बदलने की मांग की गई, जिस पर केस दर्ज हुआ है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'हैलो आईजी साहब…', शख्स ने फर्जी सीओ बनकर किया फोन, होमगार्ड भर्ती में की गड़बड़ी कराने की कोशिश
Courtesy: social media

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक अज्ञात कॉलर ने खुद को आगरा के लोहामंडी सर्किल का सीओ बताकर आईजी होमगार्ड को फोन किया और होमगार्ड भर्ती में गड़बड़ी कराने की कोशिश की. एक ही फोन कॉल से विभाग में अफरा-तफरी मच गई. जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह और भी चौंकाने वाली निकली.

फोन कॉल जिसने मचाया हड़कंप

मंगलवार को लखनऊ में आईजी होमगार्ड धर्मवीर सिंह के निजी मोबाइल पर एक कॉल आई. कॉलर ने खुद को आगरा के लोहामंडी सर्किल का सीओ बताते हुए होमगार्ड भर्ती का हवाला दिया. उसने दो लोगों की भर्ती कराने और मेरिट लिस्ट में बदलाव की मांग की. इतना ही नहीं, उसने इसके बदले 'वाजिब कीमत' देने की पेशकश भी की. यह सुनते ही विभाग में हड़कंप मच गया.

जांच में सामने आया कानपुर कनेक्शन

आईजी होमगार्ड ने तत्काल कॉल की जांच के आदेश दिए. तकनीकी जांच में पता चला कि कॉल आगरा से नहीं, बल्कि कानपुर शहर के यशोदानगर इलाके से किया गया था. यह खुलासा होते ही मामला और गंभीर हो गया. विभाग को अंदेशा हुआ कि यह भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया गया.

कानूनी कार्रवाई और केस दर्ज

आईजी होमगार्ड के निर्देश पर होमगार्ड कमांडेंट ने गोविंदनगर थाने में जीरो क्राइम नंबर पर मुकदमा दर्ज कराया. अगले दिन यह मामला नौबस्ता थाने में ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.

आरोपी निकला नाबालिग, पिता होमगार्ड

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि फोन करने वाला आरोपी मात्र 17 वर्षीय किशोर है. हैरानी की बात यह रही कि उसका पिता स्वयं होमगार्ड विभाग में कार्यरत है. आरोपी यशोदानगर का रहने वाला है और गोविंदनगर स्थित होमगार्ड कार्यालय से उसका सीधा संपर्क रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किशोर ने यह कदम किसके कहने पर उठाया.

प्रशासन की सख्ती और सबक

इस घटना के बाद होमगार्ड विभाग ने साफ कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की सिफारिश या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. यह मामला न सिर्फ एक फर्जी कॉल का है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक छोटी सी लापरवाही पूरे सिस्टम में अफरा-तफरी मचा सकती है.