menu-icon
India Daily

लाशों को भी नहीं छोड़ा, सिपाही की बहन के शव के साथ हुआ गलत काम तब खुली पोल

UP Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई में जिन शवों को पोस्टमार्टम के लिए लाया जाता है अगर उनकी बॉडी में गोल्ड ज्वेलरी होती है तो यहां काम करने वाले कर्मचारी उसे नकली ज्वेलरी से बदल देते हैं. इस मामले की पोल तब खुली जब एक महिला कर्मचारी की बहन की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ और उसके बॉडी से ज्वेलरी ही गायब थी. इसके बाद महिला सिपाही ने इस मामले की शिकायत चीफ मेडिकल ऑफिसर से की. 

India Daily Live
लाशों को भी नहीं छोड़ा, सिपाही की बहन के शव के साथ हुआ गलत काम तब खुली पोल
Courtesy: Social Media

UP Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई में डेड बॉडी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यहां पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों के जेवर निकालकर नकली जेवर पहनाए जाने का मामला सामने आया है. शुरुआती जांच में 2 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है. दोनों ही कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर कार्यरत थे. शुरुआती जांच में हटाए गए कर्मचारियों ने कई बड़े आरोप लगाए हैं.

महिला सिपाही की बहन के शव के साथ छेड़छाड़ हुई तब शिकायत करने पर ये पूरा मामला उजागर हुआ. पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति का गठन भी कर दिया गया है.     

महिला सिपाही की शिकायत पर खुली पोल

महिला सिपाही निक्की की बहन पिंकी की मौत 9 अप्रैल को हुई थी. शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पिंकी के कान और नाक में सोने की बाली थी. लेकिन पोस्टमार्टम के बाद उसके कान और नाक से सोने की बाली गायब थी. इसके बाद 17 जून को इस मामले को लेकर चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रोहताश कुमार से निक्की ने  शिकायत की.   

जांच में सच आया सामने

इस मामले की जांच उप मुख्य चिकित्साधिकारी और सीएचसी अहिरोरी से कराई गई तो पाया गया सच में निक्की की बहन पिंकी के कान और नाक से सच में सोने की बाली को निकाला गया था. इसके बाद आउटसोर्सिंग कर्मी रुपेश पटेल और वाहिद को नौकरी से हटा दिया गया.

हटाए गए कर्मचारियों ने लगाए आरोप

हटाए गए कर्मचारियों ने कच्चा चिठ्ठा खोलते हुए बताया कि पोस्टमार्टम के लिए जो भी शव आते हैं अगर उनमें जेवरात होते हैं तो यहां के कर्मचारी उनके जेवरात को नकली जेवरात से बदल देते हैं. इसके बाद असली सोना बेचकर सभी लोग पैसा आपस में बांट लेते हैं.       

क्या बोले CMO?

इस मामले को लेकर चीफ मेडिकल ऑफिसर रोहताश कुमार का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद दो लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है. इसके साथ ही चार सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया है. ये टीम पोस्टमार्टम हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करेगी. उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.