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योगी सरकार ने बदली बकरीद की छुट्टी की तारीख, अब इस दिन बंद रहेंगे स्कूल और सरकारी दफ्तर

यूपी सरकार ने बकरीद की सरकार छुट्टी को लेकर तारीख में बदलाव किया है. पहले सरकार छुट्टी 27 मई को होने वाली थी लेकिन अब इसे बदलकर 28 मई कर दिया गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
योगी सरकार ने बदली बकरीद की छुट्टी की तारीख, अब इस दिन बंद रहेंगे स्कूल और सरकारी दफ्तर
Courtesy: social media

उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2026 में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की सरकारी छुट्टी की तारीख में बदलाव किया है. पहले यह छुट्टी 27 मई को होने वाली थी लेकिन अब इसे बदलकर 28 मई कर दिया गया है. राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए इस फैसले की घोषणा की गई है.

सरकारी आदेश के अनुसार त्योहार की तारीख के नए आकलन और गणना के बाद यह बदलाव किया गया है. इस फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और दूसरे सार्वजनिक संस्थान 27 मई के बजाय 28 मई को बंद रहेंगे.

चांद दिखने पर डिपेंड करता है त्योहार

यह नया आदेश नवंबर 2025 में जारी की गई उस पुरानी अधिसूचना की जगह लेगा जिसमें बकरीद की छुट्टी 27 मई तय की गई थी. राज्य सरकार ने साफ किया कि यह बदलाव इसलिए जरूरी था क्योंकि इस्लामिक त्योहार लूनर कैलेंडर और चांद दिखने पर निर्भर करते हैं जिसकी वजह से कभी-कभी तारीखों में फेरबदल हो जाता है.

बकरीद दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह त्योहार मुख्य रूप से त्याग भक्ति और दया भावना का प्रतीक है. इस बार भारत में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी जबकि सऊदी अरब समेत कुछ देशों में चांद दिखने की परंपरा के अनुसार इसे एक दिन पहले यानी 27 मई को ही मनाए जाने की उम्मीद है.

इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने के 10वें दिन आता त्योहार

यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने 'जिल हिज' के 10वें दिन आता है. यह ऐतिहासिक रूप से हजरत इब्राहिम के जीवन से जुड़ा है जो अल्लाह के आदेश पर उनके प्रति अपनी अटूट आस्था और वफादारी साबित करने के लिए अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार इससे पहले कि वे अपने बेटे की कुर्बानी देते अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक दुंबा रख दिया और हजरत इब्राहिम के इस गहरे समर्पण को स्वीकार कर लिया.

इसी घटना की याद में बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग पशुओं की कुर्बानी देते हैं और उसके मांस को अपने परिवार, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और खासकर जरूरतमंदों व गरीबों में बांटते हैं. यह त्योहार हमें मिल-जुलकर रहने, दान करने और दूसरों की मदद करने का संदेश देता है.

बकरीद का यह जश्न आमतौर पर तीन दिनों तक चलता है. यह पावन अवसर मक्का सऊदी अरब में होने वाली सालाना हज यात्रा से भी जुड़ा है जहां दुनिया भर से लाखों मुसलमान धार्मिक अनुष्ठान और नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा होते हैं.