प्रयागराज में शनिवार को अतीक अहमद के बेटे अबान के जनाजे के दौरान बड़ी भीड़ जुटने से पुलिस के सामने हालात संभालना मुश्किल हो गया. लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और उमर को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पिता की कब्र के पास दफनाया जाना है.
अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाने की तैयारी की गई है. इसी कब्रिस्तान में परिवार के दूसरे लोगों की कब्रें भी हैं. यहां अबान के दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद को भी दफनाया गया था. अंतिम संस्कार को देखते हुए पुलिस ने कब्रिस्तान के बाहर कई जगह बैरिकेडिंग की थी. आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की थी. हालांकि जनाजे में लोगों की संख्या बढ़ने के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए. इसके बाद पुलिस ने कब्रिस्तान के अंदर लोगों की एंट्री रोक दी. इस बीच अबान के दूसरे भाई अली को भी झांसी जेल से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया. करीब 400 किलोमीटर के सफर के दौरान अली की सुरक्षा में 30 पुलिसकर्मी लगाए गए. पुलिस वैन पर पर्दे लगाए गए ताकि उसका चेहरा बाहर से नजर न आए.
अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए उसका बड़ा भाई उमर भी लखनऊ जेल से प्रयागराज पहुंचा. उसे पर्दे वाली पुलिस वैन में लाया गया और उसके साथ करीब 20 पुलिसकर्मी तैनात रहे. उमर के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोग उसे देखने के लिए आगे बढ़ने लगे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भीड़ को पीछे किया और स्थिति संभाली. उमर और अली को करीब चार साल में पहली बार पैरोल मिली है, जिसके बाद दोनों भाइयों को अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मौका मिला. पुलिस की मौजूदगी में दोनों की अपने भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से करीब एक घंटे मुलाकात कराए जाने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए कब्रिस्तान के पास मौजूद एक मस्जिद में जगह तय की गई है. मुलाकात और अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद दोनों को दोबारा जेल ले जाया जाएगा.
अबान के शव को हटवा गांव से कुछ समय के लिए अतीक के पुराने घर कसारी-मसारी ले जाने की इच्छा परिवार ने जताई है. परिवार की ओर से कहा गया है कि इसके बाद शव को कब्रिस्तान ले जाया जाए. हालांकि पुलिस चाहती है कि शव को सीधे हटवा गांव से कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाए. इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनती देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परिवार के लोगों से बातचीत कर रहे हैं. पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती जनाजे में जुटी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को संभालना है. उमर के पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ और बढ़ गई, जिससे पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी. दूसरी ओर, अली को भी झांसी से प्रयागराज लाया जा रहा है. दोनों भाइयों की मौजूदगी में अबान का अंतिम संस्कार किया जाना है.