menu-icon
India Daily

'जय श्रीराम और जय बजरंगबली के नारों भड़कते हैं दंगे', स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान से मचा सियासी घमासान

अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहनेवाले स्वामी प्रसाद मौर्या ने एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया है. मौर्या के इस बयान से एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है.

Kanhaiya Kumar Jha
'जय श्रीराम और जय बजरंगबली के नारों भड़कते हैं दंगे', स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान से मचा सियासी घमासान
Courtesy: Social Media

लखनऊ: यूपी के पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है. मौर्य ने आरोप लगाया है कि जय श्रीराम और जय बजरंगबली जैसे धार्मिक नारे अब दंगा कराने और नफरत फैलाने का लाइसेंस बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सरकार इन नारों का इस्तेमाल धार्मिक उन्माद भड़काने के लिए कर रही है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं.

मौर्य ने कहा 'जय श्रीराम और जय बजरंगबली के नारे अब दुकानों, घरों, ईदगाहों, मस्जिदों और मदरसों पर हमले का संकेत बन गए हैं. दुर्भाग्य से मुख्यमंत्री उनका साथ देते हैं और निर्दोष मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर चलवाते हैं.'

योगी आदित्यनाथ पर लगाया 'न्यायालय' बनने का आरोप

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद न्यायालय की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि न्यायालय को जो काम करना चाहिए, वह मुख्यमंत्री खुद अपने हाथों में ले लेते हैं. निर्दोषों के घरों, मदरसों और मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया जाता है, जबकि असली गुंडे और माफिया खुलेआम घूमते हैं. मुख्यमंत्री की पसंद का अपराधी हो तो उसके घर पर कभी बुलडोजर नहीं जाता.

मौर्य ने फतेहपुर की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मकबरा तोड़ने के दौरान भीड़ ने जय श्रीराम और जय बजरंगबली के नारे लगाए, लेकिन पुलिस ने उल्टा मुसलमानों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. उन्होंने कहा कि दोषियों को छोड़कर निर्दोषों पर कार्रवाई की गई.

हिन्दू युवकों पर सांप्रदायिक दंगा कराने की साजिश रचने का लगाया आरोप

वहीं, अलीगढ़ की एक घटना का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा, 'चार हिंदू युवकों ने मंदिरों में आई लव मोहम्मद लिखकर सांप्रदायिक दंगा कराने की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते साजिश का पर्दाफाश कर दिया. इसके लिए मैं अलीगढ़ के एसएसपी और पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देता हूं.'

भाजपा सरकार पर संविधान के मूल सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप

मौर्य ने भाजपा सरकार पर संविधान के मूल सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'भारतीय संविधान धर्म, जाति, पंथ या लिंग के आधार पर भेदभाव की मनाही करता है, लेकिन भाजपा सरकार खुद भेदभाव को बढ़ावा दे रही है. मुख्यमंत्री एक धर्म विशेष के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं, जो संविधान की आत्मा के खिलाफ है.'

उन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों ने समाज में गहरी खाई पैदा कर दी है. सत्ता के संरक्षण में गुंडे और सांप्रदायिक तत्व इतने निर्भीक हो गए हैं कि वे खुलेआम नफरत की भाषा बोल रहे हैं. भाजपा ने धर्म और आस्था को राजनीतिक हथियार बना दिया है. आज अगर कोई जय श्रीराम का नारा लगाता है, तो लोग डर जाते हैं कि कहीं उसके बाद पत्थरबाजी या दंगा न हो जाए.

राज्य में अराजकता फैलने की कही बात

पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री का रवैया न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहा है और इससे राज्य में अराजकता फैल रही है. अगर मुख्यमंत्री खुद न्याय और सजा तय करने लगें, तो कानून का शासन खत्म हो जाता है. यही वजह है कि आज दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के घरों पर बुलडोजर चल रहा है, जबकि असली अपराधी सत्ता के संरक्षण में मस्त हैं.