मुजफ्फरनगर जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया जिसमें दो युवकों की स्कूटी नीलगाय से टकरा गई. जुनैद (27) और नाहिद (30) नाम के ये दोनों दोस्त गांव की ओर जा रहे थे कि चारथावल थाना क्षेत्र के बिरालसी गांव के पास यह दुर्घटना घटी. दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सौंप दिए.
शनिवार शाम को जुनैद और नाहिद अपनी स्कूटी पर सवार होकर बिरालसी गांव के पास से गुजर रहे थे. अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई और स्कूटी से जोरदार टक्कर हो गई. दोनों युवक स्कूटी से गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की और उन्हें नजदीकी अस्पताल भेजा.
घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया. जुनैद को एक निजी क्लिनिक और नाहिद को सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया. लेकिन दोनों की हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टर कुछ नहीं कर सके. चारथावल थानाध्यक्ष सत्यानारायण दहिया ने बताया कि दोनों को मृत घोषित कर दिया गया. यह हादसा शाम के समय हुआ जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा थी.
यह घटना एक बार फिर सड़क हादसों और जंगली जानवरों के खतरे को उजागर करती है. उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में नीलगाय का झुंड अक्सर सड़कों पर आ जाता है, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ती है. जुनैद और नाहिद जैसे युवा रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे हादसों का शिकार हो जाते हैं, जो परिवारों को गहरा सदमा देता है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई. थानाध्यक्ष दहिया ने पत्रकारों से कहा कि हादसा नीलगाय के कारण हुआ. दोनों के शवों को बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिया गया, क्योंकि मामला स्पष्ट था. पुलिस अब सड़क सुरक्षा और जंगली जानवरों के आवागमन पर ध्यान देने की बात कर रही है.
जुनैद और नाहिद के परिवार वाले सदमे में हैं. दोनों युवक मजदूरी का काम करते थे और अपने परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. दोनों की मौत से उनके गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों ने बताया कि वे रोजाना इसी रास्ते से आते-जाते थे.
ऐसे हादसे यूपी के कई इलाकों में आम हो रहे हैं. नीलगाय को बचाने के नाम पर सड़कें खतरनाक बन रही हैं. सरकार को वन्यजीवों के लिए अलग रास्ते बनाने चाहिए. यह घटना सवाल उठाती है कि कब तक निर्दोष लोग ऐसे जान गंवाते रहेंगे?