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मोहर्रम पर CM योगी का सख्त निर्देश, हथियार प्रदर्शन और डीजे पर पूरी तरह रोक

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा- 'सभी जिलाधिकारी और एसपी पहले से ही संबंधित समुदायों से बात करें. यह सुनिश्चित करें कि कोई भी घटना कानून-व्यवस्था को प्रभावित न करे. शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.'

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Edited By: Antima Pal
मोहर्रम पर CM योगी का सख्त निर्देश, हथियार प्रदर्शन और डीजे पर पूरी तरह रोक
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से मनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने साफ कहा कि मोहर्रम मातम और शोक का अवसर है, ताकत दिखाने का नहीं.

मोहर्रम पर CM योगी का सख्त निर्देश

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा बैठक में CM योगी ने कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी तरह के हथियार या अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन बिल्कुल नहीं होना चाहिए. साथ ही कानफोड़ू डीजे, अनियंत्रित ढोल-ताशे और तेज संगीत पर पूरी रोक रहेगी.

हथियार प्रदर्शन और डीजे पर पूरी तरह रोक

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा- 'सभी जिलाधिकारी और एसपी पहले से ही संबंधित समुदायों से बात करें. यह सुनिश्चित करें कि कोई भी घटना कानून-व्यवस्था को प्रभावित न करे. शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.'

ताजियों की ऊंचाई पर भी लगी रोक

मुख्यमंत्री ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी साफ निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि 10-12 फीट से ज्यादा ऊंची ताजियों को अनुमति नहीं दी जाएगी. इससे दुर्घटना की आशंका रहती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी की आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी भी नई परंपरा की शुरुआत बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. CM योगी ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के दौरान हर जिले में पहले से तैयारी रखी जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.

मोहर्रम क्या है?

मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है. इसे हजरत इमाम हुसैन की शहादत से जोड़ा जाता है. यह गम और मातम का महीना माना जाता है. शिया समुदाय इसे बड़े सम्मान के साथ मनाता है. इस दौरान खुशियां नहीं मनाई जातीं. इस्लामिक नए साल की शुरुआत भी इसी महीने से होती है.

प्रशासन की तैयारियां

उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस इस बार पूरे प्रदेश में शांति बनाए रखने पर है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जुलूस के रूट, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी रखी जाए. किसी भी तरह के विवाद या उकसावे को तुरंत रोका जाए.