गोरखपुर में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए. उन्होंने कहा कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं हो सकती. अगर उसमें मूल्य, आदर्श और राष्ट्रहित का भाव समाप्त हो जाए तो वही राजनीति समाज और व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बन जाती है. उनके इस बयान ने कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक ध्यान खींचा. मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र सेवा के सिद्धांतों को आगे बढ़ाना है. इसी सोच के साथ कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहना चाहिए.
गोरखपुर के रेडिएंट रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना सिद्धांत और आदर्शों वाली राजनीति अंततः 'मौत का फंदा' बन जाती है. उनके अनुसार ऐसी राजनीति न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है, बल्कि देश के विकास और सामाजिक संतुलन पर भी नकारात्मक असर डालती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है.
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इसी विचारधारा के विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की थी. उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा हमेशा 'दल से ऊपर देश' के सिद्धांत पर आगे बढ़ी है और संगठन ने उसी मार्ग का अनुसरण किया है.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सबसे अधिक संघर्ष जनसंघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश की सीमाएं कई चुनौतियों का सामना कर रही थीं. अब सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे कदमों के जरिए भारत ने अपनी क्षमता दुनिया के सामने प्रदर्शित की है. साथ ही उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद पर सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है. उन्होंने आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल योजना और मुफ्त राशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कार्यकर्ताओं से संगठन के मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रवादी विचारधारा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और दिव्य-भव्य कुंभ भारतीय संस्कृति और विरासत के सम्मान के प्रतीक हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने का आह्वान किया.