उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. गुरुवार को पूरे प्रदेश में 693.46 मिलियन यूनिट (69.35 करोड़ यूनिट) बिजली की खपत हुई. इससे पहले बुधवार को 67.84 करोड़ यूनिट और 21 जून को 67.66 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हुई थी. रात 9:51 बजे बिजली की अधिकतम मांग 32,673 मेगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है.
मानसून के देरी से आने के कारण अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है. दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं है. इसी वजह से रात में भी बिजली की मांग 23-24 हजार मेगावाट से नीचे नहीं आ रही है. अगर बारिश नहीं हुई तो बिजली की मांग 34 हजार मेगावाट के पार भी जा सकती है.
कुछ थर्मल पावर प्लांट्स की यूनिटें बंद होने से बिजली उत्पादन भी कम हो गया है. घाटमपुर की 660-660 मेगावाट की दो यूनिटें और पारीछा की 250 मेगावाट की एक यूनिट बंद है. इससे करीब 1,500 मेगावाट बिजली का उत्पादन घट गया है. पावर कॉर्पोरेशन का कहना है कि लोगों को तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली दी जा रही है. शहरों में 24 घंटे बिजली मिल रही है.
गांवों में भी 18 की जगह 21 घंटे बिजली दी जा रही है. पावर एक्सचेंज से पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण रात में 2-3 घंटे कटौती हो रही है, लेकिन दिन में ज्यादा बिजली देकर उसकी भरपाई की जा रही है.
भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली विभाग पर दबाव है. आम लोगों से अपील है कि बिजली की बचत करें. अनावश्यक पंखे, कूलर और एसी बंद रखें. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जल्दी पहुंचने की संभावना है, जिससे गर्मी कम होगी और बिजली की मांग भी घटेगी.