उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार शाम को चारबाग रेलवे स्टेशन और लखनऊ एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इस धमकी ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी. धमकी देने वाले व्यक्ति ने कंट्रोल रूम 1090 पर फोन कॉल कर के और एयरपोर्ट पर ईमेल भेजकर धमकी दी. जिसके बाद सुरक्षा एजेंसी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए.
इमेल और कॉल पर धमकी मिलते ही पुलिस और जीआरपी की टीमें सक्रिय हो गईं. जीआरपी चारबाग की जांच टीम ने फोन नंबर की त्वरित ट्रेसिंग कर शनिवार सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा किए गए खुलासे ने सभी को चौंका दिया.
आरोपी की पहचान आलमबाग निवासी उमेश कुमार के रूप में की गई है. पुलिस के अनुसार, उमेश ने स्वीकार किया कि बम लगाने की धमकी पूरी तरह फर्जी थी. उसका असली उद्देश्य अपनी पत्नी के मित्र कार्तिकेय को फंसाना था. जांच में सामने आया कि उमेश की पत्नी मल्टी कॉलोनी निवासी कार्तिकेय से फोन पर बातचीत करती थी.
इस बात से उमेश नाराज रहता था, इस समस्या को खत्म करने के लिए उसने शुक्रवार को अपनी पत्नी का मोबाइल जबरन ले लिया और उसी से 1090 कंट्रोल रूम पर धमकी भरा फोन किया. सर्विलांस टीम को फोन नंबर कार्तिकेय के नाम पर दर्ज मिला. पूछताछ में कार्तिकेय ने बताया कि उसने यह नंबर उमेश की पत्नी को दिया था. पत्नी से की गई पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि उमेश ने शुक्रवार को उसका फोन जबरन छीन लिया था. इन सभी पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
सार्वजनिक स्थलों को धमकी देना आज कल काफी आम बात हो गया है. कोई भी व्यक्ति किसी भी कारण से कभी स्कूल, कभी रेलवे स्टेश तो कभी एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दे देता है. जिसके कारण लोगों में कुछ पल के लिए दहशत का माहौल बन जाता है. हालांकि बाद में जब जांच की जाती है तो सच्चाई कुछ और होता है. कभी कोई बच्चा मजाक में ऐसी हरकत करता है तो कभी कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत समस्याओं को खत्म करने के लिए ऐसा करता है. लेकिन इसके कारण सभी को परेशानी उठानी पड़ती है. ऐसे में ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है.