उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार को एक दुखद खबर सामने आई. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई.
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने शुरुआती शिक्षा सरकारी विद्यालय से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई बलिया के एक कॉलेज से पूरी की. छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले उमाशंकर सिंह ने धीरे-धीरे स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई. उनके सरल स्वभाव और जनसंपर्क के कारण उन्हें क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिला.
राजनीतिक जीवन की शुरुआत के बाद वर्ष 2000 में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता और बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने. इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में कदम रखा. वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत बनाए रखी.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को प्रदेशभर में बड़ा झटका लगा था. पार्टी केवल एक सीट जीत सकी और उमाशंकर सिंह ही बसपा के एकमात्र विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे. भाजपा की मजबूत चुनावी लहर के बावजूद उन्होंने रसड़ा सीट अपने नाम की और पार्टी की मौजूदगी विधानसभा में बनाए रखी. यही वजह रही कि उन्हें पूर्वांचल में बसपा का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता था.
अखिलेश ने दी श्रद्धांजलि अखिलेश यादव ने भी शोक जताया है. उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि बलिया की रसड़ा विधानसभा से बसपा के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं. भावभीनी श्रद्धांजलि!
बलिया की रसड़ा विधानसभा से बसपा के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद !
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 5, 2026
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।
भावभीनी श्रद्धांजलि ! pic.twitter.com/1I3MwNbOnz
उमाशंकर सिंह का निधन बसपा ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है. उन्होंने स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके निधन से रसड़ा क्षेत्र के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है. अब उनकी सीट पर होने वाले उपचुनाव और बसपा की आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी सभी की नजर रहेगी.