बहराइच न्यूज: भारत-नेपाल सीमा से सटे सुजौली क्षेत्र के भरथापुर गांव के 28 ग्रामीण बुधवार को खैरटिया गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने नाव से गए थे. वापसी के दौरान कौड़ियाला नदी के उफनते जल में नाव अनियंत्रित हो गई और पलट गई. चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 24 अन्य लापता बताए जा रहे हैं. इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है.
तेज बहाव में हिचकोले खाकर पलटी नाव
कार्यक्रम समाप्ति के बाद ग्रामीण लक्ष्मीनरायण, रानी देवी, ज्योति, हरिमोहन सहित सभी उसी नाव से लौट रहे थे, जिसे मिहींलाल पुत्र पुत्तीलाल चला रहे थे. पैदल मार्ग लंबा होने के कारण उन्होंने नाव का सहारा लिया गया.
भरथापुर पहुंचने से ठीक पहले नदी का बहाव तेज हो गया और नाव पलट गई और नाव में सवार सभी लोग पानी में गिर गए. चीख-पुकार मचने पर स्थानीय लोगों ने चार को नदी से खींचकर बचाया, बाकी बह गए.
नदी में गिरे लोगों को बहने से रोकने के लिए घाघरा बैराज के गेटों को बंद कर बहाव को रोका गया है और एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती की गई है. सूचना मिलते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसडीआरएफ-एनडीआरएफ टीमों को तुरंत रवाना होने के निर्देश दिये.
जानकारी पाते ही एसपी रामनयन सिंह, एडीएम अमित कुमार, एसडीएम समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि लापता लोगों की तलाश जोरों पर है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को राहत कार्य सुचारू रखने का निर्देश दिया.
पिछले दिनों चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट खुलने से नदियां उफान पर हैं, जो हादसे का प्रमुख कारण बनीं. बचाव अभियान जारी है, ग्रामीणों में चिंता का माहौल है.