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India Daily

तीसरा विश्व युद्ध कराकर की छोड़ेंगे पुतिन, रूस ने किया अब तक के सबसे घातक न्यूक्लियर ड्रोन का सफल परीक्षण

पुतिन ने कहा कि यह ड्रोन रडार की पकड़ में नहीं आता और ऐसे में इस ड्रोन को रोकने का कोई तरीका नहीं है. उन्होंने दावा किया कि इस ड्रोन की क्षमता समरत मिसाइल से भी ज्यादा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
तीसरा विश्व युद्ध कराकर की छोड़ेंगे पुतिन, रूस ने किया अब तक के सबसे घातक न्यूक्लियर ड्रोन का सफल परीक्षण
Courtesy: @IslanderWORLD

तमाम बंदिशों और प्रतिबंधों को धता बताते हुए रूस एक के बाद एक हथियारों का परीक्षण कर रहा है. परमाणु इंजन वाली क्रूज मिसाइल बुरेवेस्तनिक के सफल परीक्षण के बाद असीमित रेंज वाले और पानी के नीचे परमाणु ऊर्जा से चलने वाले पोसाइडन ड्रोन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया.

इस सफल परीक्षण के बाग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली स्वचालित मानवरहित पनडुब्बी ड्रोन पोसाइडन रूस की सबसे उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल सरमत से अधिक शक्तिशाली है और हमने मंगलवार को इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया.

पुतिन ने कहा कि यह ड्रोन रडार की पकड़ में नहीं आता और ऐसे में इस ड्रोन को रोकने का कोई तरीका नहीं है. उन्होंने दावा किया कि इस ड्रोन की क्षमता समरत मिसाइल से भी ज्यादा है.

पिछले सात दिनों में दूसरा मिसाइल टेस्ट

पिछले सात दिनों में यह रूस का दूसरा सफल मिसाइल परीक्षण है. इससे पहले रविवार को रूस ने बुरेवेस्तनिक मिसाइल का परीक्षण किया था. 

पश्चिम के आगे झुकने को तैयार नहीं पुतिन

रूस यूक्रेन के मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड और पश्चिम देशों के सामने झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है.

शीर्ष तेल कंपनियों पर लगा प्रतिबंध

रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने लिए हाल ही में अमेरिका ने रूस की शीर्ष दो कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

क्या है पोसाइडन

पोसाइडन एक अत्याधुनिक, स्वायत्त, परमाणु ऊर्चा चालित  और पानी के नीचे चलने वाला ड्रोन है जो अभूतपूर्व गहराई और गति तक पहुंचने में सक्षम है. यह ड्रोन 100 टन वजन का है और इसकी ताकत इतनी है कि यह पूरे समुद्र तट को समतल कर सकता है.

पुतिन ने कहा कि इस ड्रोन की विध्वंसक शक्ति रूस की सरमत अंतरमहाद्वीपीय मिसालि से काफी अधिक है जिसे पारंपरिक रक्षा प्रणालियों से बचने के लिए डिजाइन किया गया है.

पुतिन ने आगे कहा कि इस ड्रोन को पकड़ना लगभग ना मुमकिन और वर्तमान में कोई भी तकनीक इसका मुकाबला नहीं कर सकती.