भारतीय जनता पार्टी अपनी चुनावी रणनीति में तकनीक का लगातार विस्तार कर रही है. पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'सरल ऐप' नामक डिजिटल मंच विकसित किया है, जिसके जरिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर नजर रखी जा रही है. यह व्यवस्था केवल चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन की दैनिक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का भी नियमित आकलन करती है.
बीजेपी कानपुर के जिला उपाध्यक्ष शिवांग मिश्रा ने एक बातचीत के दौरान इस ऐप की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया. उन्होंने बताया कि पार्टी अब चुनावी प्रबंधन को व्यवस्थित और आंकड़ों पर आधारित तरीके से संचालित कर रही है, जिससे हर स्तर पर कार्यों की समीक्षा संभव हो रही है.
सरल ऐप के माध्यम से प्रत्येक कार्यकर्ता का अलग डिजिटल प्रोफाइल बनाया जाता है. इसमें जनसंपर्क अभियान, बैठकें, संगठनात्मक कार्यक्रम, जीपीएस लोकेशन, फोटो, वीडियो और कार्यक्रम में शामिल लोगों की संख्या जैसी जानकारियां दर्ज की जाती हैं. इन सभी जानकारियों को एक केंद्रीय डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है, जिससे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी यह आकलन कर पाते हैं कि किस क्षेत्र में कितना काम हुआ और कौन सा कार्यकर्ता कितना सक्रिय रहा. इससे बूथ स्तर तक संगठन की गतिविधियों की निगरानी आसान हो जाती है.
पार्टी ने कार्यकर्ताओं के लिए डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है. इस प्रशिक्षण में भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के गठन, इतिहास, विचारधारा और संगठन की कार्यप्रणाली से जुड़े वीडियो उपलब्ध कराए जाते हैं. वीडियो देखने के बाद कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में भाग लेना होता है, जिससे यह परखा जाता है कि उन्होंने प्रशिक्षण सामग्री को कितना समझा. पार्टी का मानना है कि इससे कार्यकर्ताओं की जानकारी और तैयारी दोनों मजबूत होती हैं. डिजिटल प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों, योजनाओं और इतिहास की तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है. इससे जब वे जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों के बीच जाएं तो उनके पास सही जानकारी हो और वे विभिन्न मुद्दों पर तार्किक ढंग से अपनी बात रख सकें.