नोएडा के थाना सेक्टर 113 पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इस ऑपरेशन में पुलिस ने चोरी की तीन लग्जरी कारें, जिनकी कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है, और अन्य आपराधिक उपकरण बरामद किए. गिरफ्तार अभियुक्तों में एक 50,000 रुपये का इनामी बदमाश भी शामिल है.यह कार्रवाई पर्थला डूब क्षेत्र के कब्रिस्तान सर्विस रोड पर पुलिस मुठभेड़ के बाद की गई.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने चेकिंग के दौरान पर्थला डूब क्षेत्र में तीन अभियुक्तों को पकड़ा. उनके कब्जे से चोरी की तीन लग्जरी कारें, एक अन्य घटना में प्रयुक्त कार, और कार चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए.
पुलिस को आरोपियों के पास से क्या हुआ बरामद!
इस दौरान पुलिस को बरामद किए गए सामान में एक टैबलेट किट (कनेक्टिंग वायर सहित), चार रिंच, तीन पाने, पांच टी-चाबी, दो प्लास, दो नीले मुट्ठेदार चाबी, एक हथौड़ी, बारह पेचकस, दो पेपर कटर, एक वायर कटर, नंबर प्लेट लगाने के लिए बीस रिवेट्स के साथ एक रिवेट प्लास, एक लोहे की कांटी, एक लोहे की रॉड, दो कार के छोटे शीशे, पांच बड़े शीशे, एक स्टेयरिंग लॉक, छह कार चाबी, सात अलग-अलग नंबर प्लेट, एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक खोखा कारतूस, और एक जिंदा .315 बोर कारतूस शामिल हैं.
जानें अपराध को कैसे देते थे अंजाम?
पुलिस के अनुसार, अभियुक्तगण सुनियोजित तरीके से कार चोरी की वारदात को अंजाम देते थे. वे पार्किंग, मुख्य सड़कों, और होटलों के बाहर खड़ी लग्जरी कारों की रेकी करते थे. इसके बाद, ड्राइवर साइड का शीशा तोड़कर टैबलेट के माध्यम से कार के सिस्टम को हैक कर लेते थे. मौके पर ही डुप्लीकेट चाबी बनाकर चार से पांच मिनट में कार चुरा लेते थे. चोरी के बाद, वे सुनसान जगह पर कार ले जाकर टूटे शीशे और नंबर प्लेट बदल देते थे. अभियुक्त अपनी गाड़ी में डुप्लीकेट चाबियां, शीशे, और अन्य उपकरण साथ रखते थे.
अभियुक्तों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया और आपसी संवाद के लिए जंगी ऐप का इस्तेमाल किया. पुलिस ने बताया कि ये अभियुक्त अभ्यस्त अपराधी हैं और इनका आपराधिक इतिहास लंबा है. चोरी की कारों से मिले पैसे का उपयोग ये अपने मुकदमों की पैरवी, खाने-पीने, और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए करते थे.
पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए क्या रणनीति अपनाईं?
थाना सेक्टर 113 पुलिस ने इस मामले में अपनी सतर्कता और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की. मुठभेड़ के बाद अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है. यह गिरोह नोएडा/एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी कार चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी थी.
पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.