आजम खान से जुड़े कथित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई बुधवार सुबह तेज हो गई. ईडी की टीम ने रामपुर, सहारनपुर, दिल्ली और गाजियाबाद समेत करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया. इनमें रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी भी शामिल है. टीम सुबह करीब सात बजे विश्वविद्यालय पहुंची और वहां मौजूद दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की. आजम खान के आवास पर भी अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है.
रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी में ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे पहुंची. अधिकारियों ने वहां उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की. आजम खान के आवास पर भी तलाशी लिए जाने की जानकारी है. इससे पहले ईडी ने स्थानीय पुलिस से आजम खान के आपराधिक इतिहास से जुड़ी जानकारी मांगी थी. जानकारी उपलब्ध नहीं होने के बाद जांच एजेंसी ने खुद संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू की.
ईडी के अनुसार, लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई की. रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. जांच का संबंध मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित धन शोधन मामले से बताया गया है. कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और दूसरे रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.
जांच एजेंसी सरकारी ठेकों से जुड़े धन के कथित हस्तांतरण की पड़ताल कर रही है. आरोप है कि कुछ निजी ठेकेदारों के माध्यम से सरकारी ठेकों की रकम दूसरी जगह भेजी गई. जांच में विश्वविद्यालय और ट्रस्ट के लिए संपत्ति तैयार करने में इस धन के इस्तेमाल की आशंका भी देखी जा रही है. एजेंसी अब संबंधित ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है.
जांच के अनुसार, सरकारी ठेकों से लाभ पाने वाले कुछ ठेकेदारों से ट्रस्ट या विश्वविद्यालय की ओर धन पहुंचने की बात सामने आई है. इसमें कथित तौर पर बड़ी रकम के दान और निर्माण कार्यों से जुड़े लेन-देन शामिल हैं. ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन की कथित दिशा बदलने के पीछे कौन लोग और कौन से वित्तीय माध्यम शामिल थे. तलाशी से मिले रिकॉर्ड जांच में अहम हो सकते हैं.
ईडी की तलाशी का मुख्य उद्देश्य कथित अपराध से प्राप्त धन, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाना बताया गया है. जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि सरकारी ठेकों से जुड़ी रकम का इस्तेमाल किस तरह और किन माध्यमों से हुआ. फिलहाल तलाशी अभियान से मिलने वाले दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जांच की दिशा तय करेंगे. मामले में आगे की कार्रवाई बरामद साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी.