उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर रेलवे के 8 रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने के फैसले की अखिलेश यादव ने तीखी आलोचना की है. समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की आलोचना की और उनसे रेलवे सुरक्षा को नाम बदलने से ज़्यादा प्राथमिकता देने का आग्रह किया.
एक्स पर अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि और जब आपको नाम बदलने से फुर्सत मिले, तो थोड़ा समय निकालकर रिकॉर्ड तोड़ रेल दुर्घटनाओं को रोकने के बारे में सोचें. उनकी ये टिप्पणी हाल ही में रेल मंत्रालय की ओर से की गई घोषणा के जवाब में आई है, जिसमें अमेठी जिले के आठ रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने को मंज़ूरी दी गई है.
भाजपा सरकार से आग्रह है कि रेलवे स्टेशनों के सिर्फ़ ‘नाम’ नहीं, हालात भी बदलें।
… और जब नाम बदलने से फ़ुरसत मिल जाएं तो रिकार्ड कायम करते रेल-एक्सीडेंट्स के हादसों के रोकथाम के लिए भी कुछ समय निकालकर विचार करें।— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 27, 2024Also Read
नाम बदलने का प्रस्ताव सबसे पहले फरवरी में अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजा था. गृह मंत्रालय ने मार्च में इसे मंजूरी दे दी, जिसके बाद इन नाम बदले गए.
लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कारण इन बदलावों के क्रियान्वयन में देरी हुई थी. हालांकि, मंगलवार को रेल मंत्रालय ने नाम बदलने के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी. उत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन की सीनियर मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कारण रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का काम नहीं हो पाया था, लेकिन मंगलवार को रेल मंत्रालय ने आखिरकार बदलावों के बारे में अधिसूचना जारी कर दी. जल्द ही रेलवे क्रिस (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम) भी नाम बदले गए रेलवे स्टेशनों को अपडेट कर देगा.