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शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया, छत्तीसगढ़ से लखनऊ लौटते ही पुलिस ने दबोचा

लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की को भगाने वाले छत्तीसगढ़ के धनुष साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है.

KanhaiyaaZee
शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया, छत्तीसगढ़ से लखनऊ लौटते ही पुलिस ने दबोचा
Courtesy: Social Media

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जो यह बताता है कि कानून का हाथ कितना भी देर से पहुंचे लेकिन पहुंचता जरूर है. सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी काम की तलाश में दोबारा लखनऊ आया और पुलिस की नजर उस पर पड़ी.

कौन है आरोपी? छत्तीसगढ़ से आया था लखनऊ

गिरफ्तार आरोपी की पहचान धनुष साहू के रूप में हुई है जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले का निवासी है. धनुष साहू किसी काम के सिलसिले में लखनऊ आया था और यहीं उसकी मुलाकात पीडित नाबालिग लड़की से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और आरोपी ने इसी का फायदा उठाते हुए लड़की को शादी का वादा किया.

शादी का वादा और फिर फरारी, कैसे हुई वारदात? 

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी धनुष साहू ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ चलने के लिए राजी किया. लड़की भरोसे में आ गई और आरोपी उसे लेकर अपने गांव छत्तीसगढ़ भाग गया. जब परिजनों को बेटी के गायब होने का पता चला तो उन्होंने तुरंत सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया. यह मुकदमा वर्ष 2025 में दर्ज हुआ और तब से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी.

छत्तीसगढ़ में छुपा रहा, लखनऊ आते ही जाल में फंसा 

वारदात के बाद धनुष साहू छत्तीसगढ़ में अपने गांव में छुपा रहा. पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था. लेकिन जैसा अक्सर होता है, रोजी-रोटी की मजबूरी ने उसे दोबारा लखनऊ खींच लाई. जैसे ही वह काम की तलाश में लखनऊ पहुंचा, सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की नजर उस पर पड़ी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया.

गिरफ्तारी के बाद सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने आरोपी धनुष साहू को न्यायालय में पेश किया. पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. नाबालिग लड़की की सुरक्षा और उसके परिजनों को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है. यह मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है जो नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है.