आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के शमशाबाद में रविवार को एक ऐसा पल आया जिसे स्थानीय लोग लंबे समय तक याद रखेंगे. देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यहां महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पूरा माहौल देशभक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा. एक ऐसे योद्धा की प्रतिमा जिन्होंने कभी अपनी मातृभूमि के सामने सिर नहीं झुकाया, आज उसी धरती के एक कोने में स्थापित हुई जो सदियों से इतिहास की साक्षी रही है.
महाराणा प्रताप मेवाड़ के वह अमर योद्धा हैं जिनका नाम भारतीय इतिहास में स्वाभिमान और साहस का पर्याय बन चुका है. मुगल सत्ता के सामने न झुकने का उनका संकल्प और हल्दीघाटी का वह युद्ध आज भी हर भारतीय के मन में एक अलग जगह रखता है. जंगलों में रहकर घास की रोटी खाने की कहानी हो या अपने विश्वस्त घोड़े चेतक की वफादारी, महाराणा प्रताप का जीवन पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा देता आया है. ऐसे महानायक की प्रतिमा का शमशाबाद में स्थापित होना निश्चित रूप से इस क्षेत्र के लिए एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक उपलब्धि है.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का इस कार्यक्रम में शामिल होना इस आयोजन को एक अलग गरिमा और महत्व दे गया. राजनाथ सिंह उन नेताओं में से हैं जो भारतीय वीरता और सांस्कृतिक विरासत को हमेशा राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में रखते हैं. उनकी उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि सरकार देश के ऐतिहासिक नायकों को उनका उचित सम्मान दिलाने के प्रति कितनी गंभीर है. इस मौके पर उन्होंने महाराणा प्रताप के जीवन और उनके संघर्ष से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
#WATCH | Agra, Uttar Pradesh: Defence Minister Rajnath Singh unveiled the statue of Maharana Pratap at Shamshabad, Agra pic.twitter.com/BZmi8pwIzH
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 14, 2026
आगरा वैसे तो ताजमहल की वजह से दुनियाभर में जाना जाता है. लेकिन शमशाबाद में महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना के साथ इस जिले ने अपनी सांस्कृतिक विरासत में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ लिया है. यह आयोजन इस बात की भी याद दिलाता है कि आगरा सिर्फ मुगल स्थापत्य का शहर नहीं, बल्कि यह वह धरती भी है जो भारतीय वीरता और स्वाभिमान की गाथाओं से जुड़ी है.