कभी एक प्रतिष्ठित बीमा कंपनी में वर्षों तक काम करने वाले नोएडा के 56 वर्षीय व्यक्ति की जिंदगी ने अचानक नया मोड़ ले लिया. नौकरी छूटने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम शुरू किया. उनकी संघर्ष भरी कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रही है.
सोशल एंटरप्रेन्योर किरण वर्मा ने लिंक्डइन पर एक अनुभव साझा किया, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा. उन्होंने बताया कि नोएडा में एक जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए उन्होंने पोर्टर की सेवा बुक की थी. डिलीवरी पार्टनर के रूप में पहुंचे 56 वर्षीय मनोज सीढ़ियां चढ़कर उनके घर पहुंचे. बातचीत के दौरान मनोज ने बताया कि वह पहले एक बीमा कंपनी के प्रशासन विभाग में 14 वर्षों तक कार्यरत थे, लेकिन वर्ष 2023 में कर्मचारियों की छंटनी के दौरान उनकी नौकरी चली गई. इसके बाद उन्हें नई नौकरी पाने में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
मनोज ने बातचीत में बताया कि नौकरी जाने के बाद उन्होंने कई जगह आवेदन किए, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अवसर नहीं मिला. मजबूरी में उन्होंने डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम शुरू किया ताकि परिवार की जिम्मेदारियां निभाई जा सकें. उन्होंने अपनी स्थिति को समझाते हुए कहा कि जैसे सब्जी में स्वाद बढ़ाने के लिए करी पत्ता डाला जाता है, लेकिन खाना परोसते समय सबसे पहले उसी को निकाल दिया जाता है, ठीक वैसे ही कई बार अनुभवी कर्मचारियों के साथ व्यवहार किया जाता है. उनकी यह बात सुनकर किरण वर्मा भी भावुक हो गए और उन्होंने उन्हें अतिरिक्त राशि देकर सम्मानपूर्वक विदा किया.
किरण वर्मा की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने मनोज के संघर्ष और आत्मसम्मान की सराहना की. कई लोगों ने इसे अनुभवी कर्मचारियों के सामने आने वाली चुनौतियों का वास्तविक उदाहरण बताया. पोर्टर कंपनी ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने डिलीवरी पार्टनर्स के प्रयासों की सराहना की. इंटरनेट पर कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी केवल नौकरी खोने की नहीं, बल्कि सम्मान के साथ आगे बढ़ने और परिस्थितियों से लड़ने की प्रेरणा देती है. लोगों का मानना है कि ऐसे अनुभव समाज को संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की सीख देते हैं.