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'SP साहब की बिल्ली है कोई मजाक थोड़े है', आगरा में पालतू बिल्ली की सुरक्षा के लिए लगी 4 होमगार्डों की ड्यूटी

आगरा, उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर, एक अनोखी घटना के कारण सुर्खियों में है. यहां चार होमगार्डों को एक ऐसी ड्यूटी सौंपी गई, जिसने न केवल उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए, बल्कि सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी.

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Edited By: Garima Singh
'SP साहब की बिल्ली है कोई मजाक थोड़े है', आगरा में पालतू बिल्ली की सुरक्षा के लिए लगी 4 होमगार्डों की ड्यूटी
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4 home guards put on duty to take care of cat: आगरा, उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर, एक अनोखी घटना के कारण सुर्खियों में है. यहां चार होमगार्डों को एक ऐसी ड्यूटी सौंपी गई, जिसने न केवल उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए, बल्कि सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी. यह मामला है एक बिल्ली और उसके बच्चों की देखभाल का, जिसे कथित तौर पर एसपी ट्रैफिक की बिल्ली बताया गया. आइए, इस घटना की पूरी कहानी जानते हैं. आगरा के पुलिस लाइन में 30 जुलाई को चार होमगार्ड एचजी 1411 पवन पाराशर, एचजी 1335 निजाम खान, एचजी 1185 सत्यपाल और पीआरडी एदल सिंह को नाइट ड्यूटी पर तैनात किया गया.

उनकी जिम्मेदारी थी बंदशुदा (सुरक्षा) की निगरानी. लेकिन ड्यूटी शुरू होते ही उन्हें एक अनोखा आदेश मिला. कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने उन्हें एक बिल्ली दिखाते हुए कहा, “यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक साहब की है. इसकी देखभाल ठीक से करना. रात में बिल्ली को दूध, रोटी और पानी खिलाते-पिलाते रहना. अगर बिल्ली को कुछ हो जाता है, तो तुम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.” होमगार्डों ने पूरी रात बिल्ली और उसके बच्चों की देखभाल की. लेकिन 12 घंटे की ड्यूटी के बाद उन्हें पता चला कि यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक अभिषेक कुमार की नहीं, बल्कि एक लावारिस बिल्ली थी. इस खुलासे के बाद एक होमगार्ड ने अपने ऑफिशियल ग्रुप पर लिखा, “मुझसे एसपी ट्रैफिक की बिल्ली की देखभाल कराई जा रही है.” उन्होंने बिल्ली के बच्चे की तस्वीर भी साझा की.

होमगार्डों का गुस्सा: “हमारी भर्ती सुरक्षा के लिए हुई थी”

होमगार्डों का कहना है कि उनकी भर्ती सुरक्षा ड्यूटी के लिए हुई थी, न कि बिल्ली की देखभाल के लिए. एक होमगार्ड ने कहा, “हमारी ड्यूटी बंदशुदा निगरानी में है. हमसे बिल्ली की निगरानी कराई जा रही है.” यह घटना उनके लिए अपमानजनक थी, क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी जिम्मेदारी का दुरुपयोग किया गया.

आगरा पुलिस का स्पष्टीकरण: बिल्ली लावारिस, अफवाह का खंडन

आगरा पुलिस ने इस मामले पर सफाई दी. पुलिस के अनुसार, यह बिल्ली लावारिस है और पुलिस लाइन में रहती है. यह एसपी ट्रैफिक अभिषेक कुमार की बिल्ली नहीं है. ट्रैफिक पुलिस की मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “यह पूरी तरह से अफवाह है कि बिल्ली एसपी ट्रैफिक की है. बिल्ली पालतू नहीं है. होमगार्डों से सिर्फ इतना कहा गया था कि ध्यान रखना, जिससे बिल्ली के बच्चे को नुकसान न हो. जिन होमगार्डों की ड्यूटी थी, उन्हें गलतफहमी हुई है.”