menu-icon
India Daily

लखनऊ में BMW से 26 लाख रुपये बरामद, नकदी का हिसाब न देने पर आयकर विभाग की जांच शुरू

राजधानी लखनऊ में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी BMW कार से 26 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है. कार की नंबर प्लेट पर 'कैलिफोर्निया' लिखा था और डिग्गी में बने विशेष लॉकर से नोटों की गड्डियां मिलीं. नकदी से जुड़े वैध दस्तावेज न मिलने पर आयकर विभाग को जांच सौंपी गई है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
लखनऊ में BMW से 26 लाख रुपये बरामद, नकदी का हिसाब न देने पर आयकर विभाग की जांच शुरू
Courtesy: X (@Benarasiyaa)

लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम नियमित वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली. संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी एक BMW कार और एक स्कॉर्पियो की जांच के दौरान पुलिस ने BMW से 26 लाख रुपये की नकदी बरामद की. 

नकदी के संबंध में मौके पर मौजूद युवक कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया है, जबकि आयकर विभाग की टीम नकदी के स्रोत और उसके उपयोग की जांच में जुट गई है.

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

पुलिस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक मौके से मिले तीन युवकों की पहचान तेलीबाग निवासी शिवांशु पांडेय, आशियाना निवासी रोचमन वर्मा तथा सरोजनीनगर के पंडितखेड़ा निवासी रचित ठाकुर उर्फ अथर्व के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों से नकदी के संबंध में पूछताछ की, लेकिन उनके जवाब एक-दूसरे से मेल नहीं खाते थे. अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान युवक लगातार अपने बयान बदलते रहे, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया.

पुलिस टीम किला चौकी क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी. इसी दौरान स्मृति उपवन के पास सोशल प्वाइंट रेस्टोरेंट के निकट BMW और स्कॉर्पियो खड़ी दिखाई दीं. पुलिस जब वहां पहुंची तो तीन युवक कार के पास मौजूद थे.

गाड़ी से मिले नोटों के बंडल

युवकों ने बताया कि वे कार में रखी नकदी की गिनती कर रहे थे. इस जवाब के बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर BMW की विस्तृत तलाशी ली. जांच के दौरान कार की डिग्गी में बने विशेष लॉकर से 500-500 रुपये के नोटों की 52 गड्डियां बरामद हुईं. गिनती करने पर कुल रकम 26 लाख रुपये निकली.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कभी युवकों ने इस रकम को निजी लेनदेन का हिस्सा बताया तो कभी किसी कारोबारी की नकदी होने का दावा किया. हालांकि, इनमें से किसी भी दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका. यही कारण रहा कि पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए आयकर विभाग को जांच के लिए बुलाया. 

विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था. जांच के दौरान पुलिस को BMW कार में एक और अनियमितता मिली. वाहन की नंबर प्लेट पर सामान्य पंजीकरण संख्या के बजाय 'कैलिफोर्निया' लिखा हुआ था. इसके अलावा कार में 12 एम्पियर क्षमता का हूटर भी लगा मिला. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.