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India Daily

व्यापारी परिवार को निशाना बनाकर रची गई रंगदारी की खौफनाक साजिश, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में एक व्यापारी परिवार के साथ हुई रंगदारी की सनसनीखेज घटना ने पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. यह मामला महज पैसे की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे एक संगठित डिजिटल अपराध नेटवर्क काम कर रहा था, जो विदेश से संचालित हो रहा था.

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Edited By: Antima Pal
व्यापारी परिवार को निशाना बनाकर रची गई रंगदारी की खौफनाक साजिश, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
Courtesy: pinterest

राजस्थान: झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में एक व्यापारी परिवार के साथ हुई रंगदारी की सनसनीखेज घटना ने पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. यह मामला महज पैसे की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे एक संगठित डिजिटल अपराध नेटवर्क काम कर रहा था, जो विदेश से संचालित हो रहा था. घटना की शुरुआत 16 मार्च को हुई, जब चिड़ावा के रहने वाले व्यापारी ललित भगेरिया के बेटे नीरज के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल और संदेश आने शुरू हुए. 

परिवार को निशाना बनाकर रची रंगदारी की साजिश

पहले तो इसे मामूली शरारत समझा गया, लेकिन जल्द ही धमकियां गंभीर हो गईं. आरोपी ने नीरज की तस्वीर भेजते हुए कहा कि वह परिवार की हर गतिविधि, घर, दुकान और फार्महाउस की लोकेशन तक जानता है. अगर 11 लाख रुपये नहीं दिए गए तो जान से मारने की धमकी दी गई. पीड़ित परिवार ने तुरंत चिड़ावा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की. तकनीकी सबूतों और साइबर ट्रेसिंग से पता चला कि धमकियां विदेश से आ रही थीं. 

पुलिस ने किया पर्दाफाश

पूरा ऑपरेशन कतर में बैठे साहिल नाम के व्यक्ति द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था. वह इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स और व्हाट्सएप के जरिए लगातार संपर्क में था. आरोपी बार-बार नंबर बदलकर पुलिस की पहुंच से बचने की कोशिश कर रहे थे. जांच में यह भी सामने आया कि साहिल ने स्थानीय स्तर पर कुछ युवकों को शामिल किया था. ये युवक पीड़ित परिवार की रेकी कर रहे थे और लोकेशन, फोटो तथा अन्य जानकारी मास्टरमाइंड तक पहुंचा रहे थे. 

बिना किसी इनसाइडर की मदद के इतनी सटीक जानकारी जुटाना मुश्किल था. पुलिस ने दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी साहिल अभी कतर में फरार है. उसकी तलाश जारी है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी जरूरत पड़ सकती है. यह घटना दर्शाती है कि अब अपराध की दुनिया सीमाओं से परे हो चुकी है. 

व्हाट्सएप जैसे सामान्य ऐप्स का दुरुपयोग कर विदेश बैठे अपराधी भारत में आसानी से रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता बरतनी चाहिए, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए और तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए. यह केस साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है, जहां तकनीक का इस्तेमाल कर संगठित गिरोह आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं. चिड़ावा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार को राहत मिली है, लेकिन जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं.