Rajasthan Weather: राजस्थान के उत्तरी हिस्से में मानसून ट्रफ के शिफ्ट होने से गुरुवार को बीकानेर संभाग में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर जिलों में कहीं 1 इंच तो कहीं 6 इंच तक पानी गिरा, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया. बारिश की वजह से सड़कें पूरी तरह से बह गईं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
श्रीगंगानगर जिले में भारी बारिश के कारण सूरतगढ़-छतरगढ़ रोड पर बड़ा कटाव हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई. गंगानगर शहर और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए और खेतों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ.
हनुमानगढ़ जिले के उदासर गांव में कच्चे मकान की छत गिरने से एक 4 साल की बच्ची की मौत हो गई. सीकर जिले में एक युवक कुंड में डूबने से जान गंवा बैठा. वहीं, धौलपुर में चंबल नदी में उफान के कारण कई इलाकों का संपर्क कट गया और एक मिनी ट्रक के साथ ड्राइवर और क्लीनर बह गए. माउंट आबू में एक पर्यटक ने सेल्फी लेने के चक्कर में खाई में गिरकर अपनी जान गवा दी.
राज्य में 2 अगस्त को 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं. इनमें कोटा, बीकानेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर सहित अन्य जिले शामिल हैं.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश से राहत मिल सकती है. हालांकि, भरतपुर संभाग में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है. इस मानसून सीजन में अब तक राजस्थान में औसत से 90% ज्यादा बारिश हो चुकी है. जहां 1 जून से 31 जुलाई तक औसतन 216.4 मिमी बारिश होती है, वहीं अब तक 410.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि चिंताजनक है.
श्रीगंगानगर जिले में सूरतगढ़ से छतरगढ़ जाने वाली खारबारा रोड पूरी तरह से बह गई. इससे दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई. वहीं, नागौर जिले में जसनगर में लगातार तीसरी बार प्रशासन को नेशनल हाईवे-458 बंद करना पड़ा.